देश में टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है. केंद्र सरकार एक ऐसी योजना लेकर आई है जिससे अब ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि अपनी टैक्सी कंपनी के खुद मालिक बनेंगे. गृह मंत्री अमित शाह ने 'भारत टैक्सी' के ड्राइवरों से बात करते हुए इस शानदार विजन शेयर किया है.
मेहनत करने वाले को मिलेगा पूरा हक
गृह मंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार का विजन बहुत साफ है. जो व्यक्ति दिन-रात मेहनत कर रहा है, पसीना बहा रहा है, मुनाफे पर असली हक उसी का होना चाहिए, किसी अमीर सेठ का नहीं. भारत टैक्सी को शुरू करने के पीछे यही मुख्य वजह थी क्योंकि ड्राइवरों की बहुत शिकायतें आती थीं. प्राइवेट कंपनियां ड्राइवरों की कमाई से 30 प्रतिशत तक हिस्सा काट लेती थीं और भविष्य की कोई गारंटी नहीं थी.
बाकी कंपनियों का काम मालिक को अमीर बनाना है, लेकिन भारत टैक्सी में आप खुद ही मालिक हैं.प्राइवेट कंपनियों की गलत नीतियों और कॉम्पिटिशन से लड़ने के लिए सरकार ने पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है.
कमाई का 80% पैसा सीधे ड्राइवरों के खाते में
अमित शाह ने फ्यूचर का रोडमैप बताते हुए कहा कि मान लीजिए अगर भारत टैक्सी 25 करोड़ रुपये कमाती है, तो इसमें से 5 करोड़ रुपये यानी 20 प्रतिशत कंपनी के खाते में आपकी पूंजी के रूप में जमा होंगे. बाकी बचा हुआ 20 करोड़ रुपये यानी 80 प्रतिशत सीधे उन ड्राइवरों के अकाउंट में डाल दिया जाएगा जिन्होंने जितने किलोमीटर टैक्सी चलाई होगी.
आपको हर महीने मिलने वाला किराया तो मिलेगा ही, साथ ही साल के अंत में कंपनी के मुनाफे में भी बड़ा हिस्सा मिलेगा. यह ड्राइवरों को आर्थिक रूप से बहुत मजबूत बना देगा.
3 साल तक रखना होगा थोड़ा धैर्य
अमित शाह ने ड्राइवरों को समझाया कि जैसे हम एक छोटे बच्चे का लालन-पालन करते हैं और बड़ा होकर वही बच्चा हमारा सहारा बनता है, वैसे ही भारत टैक्सी को भी शुरुआत में थोड़ा समय चाहिए. पहले 3 साल तक सभी को थोड़ा सब्र रखना पड़ेगा क्योंकि प्राइवेट कंपनियां अपनी ताकत और पैसे के दम पर कॉम्पिटिशन पैदा करेंगी.
इस समय में हमें एडवारटाइजमेंट करने और कंपनी को मजबूती से खड़ा करने पर ध्यान देना होगा. 3 साल की मेहनत के बाद जब कंपनी बड़ी हो जाएगी, तब यह आपकी अच्छी कमाई करने में मदद करेगी.
हर शहर तक पहुंचने का है बड़ा लक्ष्य
सरकार ने भारत टैक्सी को लेकर बहुत बड़ा प्लान तैयार किया है. अगले 3 साल के अंदर देश के हर उस शहर में जहां नगर निगम (Municipal Corporation) है, वहां भारत टैक्सी की सर्विस पहुंच जाएगी. को-ऑपरेटिव सेक्टर की ताकत बताते हुए अमित शाह ने कहा कि आजादी के 75 सालों में करीब 36 करोड़ लोग इस सेक्टर से जुड़े हैं, लेकिन भारत टैक्सी ने तो रिकॉर्ड बना दिया है जहां सिर्फ 2 साल में ही 15 करोड़ लोग एक साथ जुड़ गए हैं. आने वाले समय में यह देश की सबसे बड़ी टैक्सी सर्विस बनने जा रही है.
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