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गर्मी का पारा 50 पार, फिर भी AC बिक नहीं रहे! कंपनियों ने बताया- केवल महंगी कीमतें नहीं, कारण और भी!

भारत में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने के बावजूद, एयर कंडीशनर की बिक्री में उम्मीद के अनुसार तेजी नहीं दिख रही. कंपनियों की सेल ग्रोथ का अनुमान 25 से 30% के मुकाबले सिर्फ 15 से 20% तक ही सीमित रह गई है.

गर्मी का पारा 50 पार, फिर भी AC बिक नहीं रहे! कंपनियों ने बताया- केवल महंगी कीमतें नहीं, कारण और भी!

AC Sales Slowdown in India: भारत के कई हिस्से तेज और खतरनाक गर्मी झेल रहे हैं. उत्तर और मध्य भारत में तो टेंपरेचर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल है. आम तौर पर इतनी ज्यादा गर्मी एसी की सेल के लिए अच्छी मानी जाती है, क्योंकि लोग राहत पाने के लिए ज्यादा से ज्यादा एसी खरीदते हैं. लेकिन इस साल स्थिति कुछ अलग है. इतनी तेज गर्मी के बाद भी एसी बाजार में वैसी तेजी नहीं दिख रही, जैसी कंपनियों और डीलरों को उम्मीद थी. इस मामले को लेकर एनडीटीवी प्रॉफिट से कई बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने बात की. उन्होंने बताया कि इस साल अभी तक केवल 15 से 20% की बिक्री हुई है, जबकि बिक्री का अनुमान 25-30% था.

क्या कहते हैं आंकड़े

देश की बड़ी एसी कंपनियों में शामिल वोल्टास, ब्लू स्टार, डायकिन और गोदरेज अप्लायंसेज की सेल में इजाफा सिर्फ 15–20% का रहा है. ये नंबर 25–30% के टारगेट से बहुत कम है. वहीं इस साल की सेल के लिए कंपनी अधिकारियों का कहना है कि ये बढ़त भी इसलिए दिख रही है क्योंकि पिछले साल 2025 में बेमौसम बारिश की वजह से मौसम ठीक रहा था. इसलिए सेल भी डाउन रही थी. अगर तुलना 2024 से करें तो असल में एसी की सेल ग्रोथ सिर्फ 10 से 15% के आसपास ही है.

AC Sales Slowdown in India

AC Sales Slowdown in India

मिडिल ईस्ट जंग ने बिगाड़ा पूरा खेल

वोल्टास लिमिटेड के एमडी मुकुंदन सी. पी. मेनन ने बताया कि मिडिल ईस्ट में युद्ध को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है और इसका सीधा असर बाजार में मांग पर पड़ रहा है. जंग की वजह से देश में महंगाई बढ़ी है, जिससे लोग अब बचत पर काम करना शुरू कर चुके हैं. अगर बात लागत की करें तो कच्चे माल खासतौर पर कॉपर के दामों में बड़ा इजाफा हुआ है. साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी प्रो़डक्शन कॉस्ट को काफी बढ़ा दिया. अब इस बोझ को कम करने के लिए कंपनियों ने एसी की कीमतों में 8 से 10% तक की बढ़ोतरी कर दी है. 

नुकसान कम करने के लिए पहले ही जमा किया स्टॉक

डीलरों ने पिछले साल के नुकसान की भरपाई के लिए इस सीजन के शुरू होने से पहले ही स्टॉक जमा कर लिया था, लेकिन बढ़ती महंगाई ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. ब्लू स्टार के एमडी बी. त्यागराजन ने बताया कि, सप्लाई चेन में रुकावट अब कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि प्राइमरी सेल का धीमा होना परेशानी वाली बात है.

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जंग ना होती तो आंकड़े और मजबूत होते

डायकिन इंडिया के चेयरमैन और एमडी के. जे. जावा ने कहा कि डिमांड पूरे देश में एक जैसी नहीं है. हालांकि हर साल के आंकड़ों पर गौर डालें तो सालाना आधार पर सेल 20% बढ़ी है, लेकिन अगर मिडिल ईस्ट मामले की वजह से महंगाई ने ग्राहकों की जेब पर डाका ना डाला होता, तो ये आंकड़े और मजबूत होते.

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