NDTV YUVA-2026 के मंच से महाराष्ट्र के FDA चीफ तुकाराम मुंढे ने अपना करियर से लेकर कार्रवाई तक कई मुद्दों पर खुलकर बात की. तुकाराम मुंढे ने कहा कि उन्हें किसी भी चीज से डर नहीं लगता. ट्रांसफर और परिवार से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, 'किसी से डर नहीं लगता.'
कौन ज्यादा घबराते हैं अधिकारी या बच्चे?
जब उनसे पूछा गया कि उनसे ज्यादा कौन घबराता है, अधिकारी या बच्चे, तो उन्होंने जवाब दिया कि अधिकारी ज्यादा घबराते हैं. हालांकि उन्होंने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि कभी-कभी वह खुद बच्चों से घबरा जाते हैं.
'किसी से डर नहीं लगता'
नेताओं, अधिकारियों, पत्नी या ट्रांसफर ऑर्डर में किसका डर सबसे ज्यादा है, इस सवाल पर मुंढे ने साफ कहा कि उन्हें किसी चीज का डर नहीं है. उन्होंने कहा, 'मैं किसी से नहीं डरता. डर को दिमाग से निकाल दीजिए. अगर आप कुछ गलत करेंगे, तभी आपको डर लगेगा.'
सरकारी सेवा में काम करने वालों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले अपनी भूमिका और जिम्मेदारी को समझना जरूरी है. उनके मुताबिक, सरकारी नौकरी में जवाबदेही कहीं ज्यादा होती है क्योंकि अधिकारी सीधे जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं.
'सरकारी नौकरी वालों की जिम्मेदारी और जवाबदेही ज्यादा'
मुंढे ने कहा कि जो भी सार्वजनिक समस्याएं सामने आती हैं, उन्हें दूर करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि एक सरकारी अधिकारी का काम सिर्फ प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर और सार्थक जीवन की ओर ले जाना भी है.
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा को केवल वेतन के नजरिए से नहीं देखना चाहिए. यह एक बड़ी जिम्मेदारी और समाज के प्रति योगदान का अवसर है. सरकारी नौकरी का उद्देश्य सिर्फ नौकरी करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है.
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