8 years ago
नई दिल्ली:
राफेल सौदे (Rafale Deal) को लेकर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा होलांद (Francois Hollande) के बयान के बाद भारत में सियासी घमासान मच गया है. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का कहना है कि अनिल अंबानी के रिलायंस का नाम उन्हें भारत सरकार ने सुझाया था. उनके पास और कोई विकल्प नहीं था. इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने देश के साथ विश्वासघात किया है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया, 'प्रधानमंत्री ने बंद कमरे में राफेल सौदे को लेकर बातचीत की और इसे बदलवाया. फ्रांस्वा ओलांद का धन्यवाद कि अब हमें पता चला कि उन्होंने (मोदी) दिवालिया अनिल अंबानी को अरबों डॉलर का सौदा दिलवाया.' राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने हमारे सैनिकों के लहू का अपमान किया है. दरअसल, एक फ़्रेंच अखबार को दिए इंटरव्यू में ओलांद ने कहा कि भारत सरकार के नाम सुझाने के बाद ही दसॉल्ट एविएशन ने अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस से बात शुरू की. बता दें कि अप्रैल 2015 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की यात्रा पर गए थे तब फ्रांस्वा ओलांद ही राष्ट्रपति थे. उन्हीं के साथ राफेल विमान का करार हुआ था. 'मीडियापार्ट फ्रांस' नाम के अख़बार ने पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद से पूछा कि रिलायंस को किसने चुना और क्यों चुना तो फ्रांस्वा ओलांद ने कहा कि भारत की सरकार ने ही रिलायंस को प्रस्तावित किया था. इतना ही नहीं, अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा कि 'प्रधानमंत्री जी सच बोलिए.