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This Article is From Sep 03, 2025

पीएम मोदी को 111वीं गाली, फिर पड़ेगी विपक्ष पर भारी?

अखिलेश शर्मा
  • ब्लॉग,
  • Updated:
    सितंबर 03, 2025 14:32 pm IST
    • Published On सितंबर 03, 2025 14:29 pm IST
    • Last Updated On सितंबर 03, 2025 14:32 pm IST
पीएम मोदी को 111वीं गाली, फिर पड़ेगी विपक्ष पर भारी?

अपनी स्वर्गीय माताजी के प्रति कांग्रेस, आरजेडी के मंच से अत्यंत अभद्र शब्द और गाली को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल बिहार की महिलाओं को संबोधित करते हुए भावुक हो उठे. उन्होंने भोजपुरी में कहा कि बिहार में माई का स्थान देवता-पित्तर से भी ऊपर होता है. उन्होंने इसे केवल अपनी मां का नहीं बल्कि देश की हर मां-बहन और बेटी का अपमान बताया. पीएम का यह संबोधन सुन प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की आंखें छलछला आईं. राज्य भर में महिला बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया है और चार सितंबर को एनडीए ने बिहार बंद बुलाया है. यानी संदेश साफ़ है कि पीएम ने इस गाली के जवाब में भावुकता का पुट देकर कुछ ही महीने दूर विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के प्रचार की पिच तैयार कर दी है.

पलटवार करने में माहिर पीएम मोदी

बिहार में नीतीश कुमार के दो दशक से चले आ रहे शासन में महिला मतदाताओं की बड़ी भूमिका है और शराब बंदी या पंचायतों में एक तिहाई आरक्षण जैसे फैसलों ने उन्हें एनडीए के पक्ष में मजबूती से ला खड़ा किया है. पीएम की मां को गाली भावनात्मक रूप से उन्हें और मजबूती से एनडीए के साथ ला सकता है. यह राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोट अधिकार यात्रा का भी जवाब है जिसमें राहुल पीएम मोदी को वोट चोर बोल कर उनके खिलाफ माहौल तैयार कर रहे थे. यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने अपने बारे में कहे गए विपक्ष के अपशब्दों को विपक्ष पर ही हमला करने के लिए इस्तेमाल किया है. वे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और उसके बाद बतौर प्रधानमंत्री विपक्ष के हर हमले का इस्तेमाल विपक्ष के ही खिलाफ बखूबी कर लेते हैं. यानी विपक्ष की तोप का मुंह विपक्ष की ही ओर बड़ी चतुराई से घुमा देते हैं.

विपक्ष के अपशब्दों की सूची लंबी

इससे वे न केवल बड़े पैमाने पर जनता की सहानुभूति हासिल करने में कामयाब होते हैं बल्कि विपक्ष के हमले की धार कुंद करने और उससे ध्यान हटाने में भी सफल रहते हैं.  पीएम मोदी के बारे में कहे गए विपक्ष के अपशब्दों की लंबी सूची है. पिछले साल सितंबर में बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिख कर इनके बारे में विस्तार से बताया था. नड्डा ने लिखा था कि कांग्रेस के नेताओं ने पीएम के लिए सौ से भी ज़्यादा बार अपशब्दों, गालियों और अपमानजनक टिप्पणियों का प्रयोग किया गया. नड्डा ने लिखा कि पीएम के बारे में कभी कहा गया ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी', कभी कहा गया ‘नीच', कभी ‘कमीना', कभी ‘मौत का सौदागर', कभी ‘ज़हरीला सांप', कभी ‘बिच्छु', कभी ‘चूहा', कभी ‘रावण', कभी ‘भस्मासुर', कभी ‘नालायक', कभी ‘कुत्ते की मौत मरेगा', कभी ‘मोदी को ज़मीन में गाड़ देंगे', कभी ‘राक्षस', कभी ‘दुष्ट', कभी ‘क़ातिल', कभी ‘हिंदू जिन्ना', कभी ‘जनरल डायर', कभी ‘जेबकतरा', कभी ‘गंदी नाली', कभी ‘काला अंग्रेज़', कभी ‘कायर', कभी ‘औरंगज़ेब का आधुनिक अवतार', कभी ‘दुर्योधन', कभी ‘हिंदू आतंकवादी', कभी ‘गदहा', कभी ‘नामर्द', कभी चौकीदार चोर है', कभी ‘तुगलक', कभी मोदी की बोटी-बोटी काट देंगे', कभी ‘साला मोदी', कभी ‘नमक हराम', कभी ‘गंवार', कभी ‘निकम्मा' कहा गया. 

कांग्रेस नेता का चायवाला कहना पड़ा भारी

इसी तरह 2014 में लोक सभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने ‘चाय वाला' कह कर मोदी का मजाक उड़ाया था. मोदी ने इसका इस्तेमाल प्रचार में किया और बीजेपी ने कई जगह चायवालों का सम्मान कर पलटवार किया. जब मोदी के लिए ‘नीच' शब्द का प्रयोग किया गया तब उन्होंने बताया कि ओबीसी वर्ग से आने वाले एक ग़रीब मां के बेटे को किस तरह अपमानित किया जा रहा है. यह भी कांग्रेस को भारी पड़ा. इतिहास गवाह है कि ऐसी हर गाली कांग्रेस को भारी पड़ी है. 2007 में गुजरात विधानसभा से पहले कांग्रेस का पलड़ा भारी लग रहा था. तब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तब मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर बताया था.

पीएम मोदी ने इस हमले को ही हथियार बना लिया. वे हर सभा में इसे लेकर कांग्रेस और सोनिया गांधी पर हमला बोलने लगे. परिणाम आने पर बीजेपी ने मोदी के नेतृत्व में 182 में से 117 सीटें जीत कर फिर से सरकार बनाई. इसी तरह राहुल गांधी ने रफाल सौदे को लेकर 2019 लोक सभा चुनाव में ‘चौकीदार चोर है' का नारा बुलंद किया. जवाब में बीजेपी के हर नेता ने कहना शुरू कर दिया ‘मैं भी चौकीदार'. जब चुनाव परिणाम आया तो बीजेपी को 2019 लोक सभा चुनाव में 2014 से भी अधिक सीटें आईं. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस वाक्यांश के लिए राहुल गांधी को माफ़ी मांगने को कहा. 

अब बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को वोट चोर कहना शुरू किया है. राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर वोट अधिकार यात्रा निकाली है. कर्नाटक और महाराष्ट्र में मतदाता सूची में कथित धांधली का मुद्दा उछाला है. हालांकि चुनाव आयोग ने सफ़ाई दी है पर राहुल का हमला बदस्तूर जारी है.  इस बीच बीजेपी को पीएम मोदी की स्वर्गीय मां को गाली का मुद्दा हाथ लगा है. पीएम मोदी ने हमेशा की तरह एक बार फिर इसे हथियार बनाया है. बीजेपी इसे गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला, घर-घर ले जाने की तैयारी में है. इसे बिहार की महिलाओं के सम्मान के साथ जोड़ा जा रहा है. यह देखना होगा कि हर बार की तरह पीएम मोदी इस बार भी इसका राजनीतिक फ़ायदा उठा पाएंगे या नहीं.

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