विज्ञापन
This Article is From Jul 06, 2012

मायावती की जीत है यह या सीबीआई की हार...!

Nidhi Kulpati
  • Blogs,
  • Updated:
    नवंबर 19, 2014 16:27 pm IST
    • Published On जुलाई 06, 2012 21:34 pm IST
    • Last Updated On नवंबर 19, 2014 16:27 pm IST

सुप्रीम कोर्ट से मायावती को आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में यह कहते हुए राहत मिल गई कि सीबीआई को अतिरिक्त एफआईआर दर्ज करने की जरुरत ही नहीं थी।

कोर्ट ने यह भी कहा है कि यह सही नहीं था जिस तरह से इस मामले में सीबीआई ने मामला चलाया और FIR दर्ज की। यह एजेन्सी ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया और पूरी तरह गैरकानूनी था।

बहरहाल, मायावती पर ताज कॉरिडोर मामले में करीब 17 हजार करोड़ की धांधली लम्बित है।

विपक्ष का कहना है कि कोर्ट ने मायावती की आय मामले पर नही बल्कि सीबीआई की कार्य शैली पर फैसला दिया है।

बीएसपी का कहना है कि यह मायावती की जीत हुई है। साल 2003 में उनकी सम्पति 1 करोड़ से 2007 में 50 करोड़ हो गई। उन्होंने एक-एक पैसे का ब्यौरा जो उनको कायकर्ता ने दिया उसकी जानकारी टैक्स डिपार्टपेन्ट को दे दी है तो फिर यह सवाल है कि यह मामला फिर इतने साल तक क्यों चला।

पिछले साल ही सितंम्बर तक सीबीआई का कहना था कि मायावती और उनके रिश्तेदार मिलकर आपराधिक सांठगांठ कर रहे हैं तो फिर आज के सबूत क्या कमजोर थे। आलोचकों का कहना है कि क्या राष्ट्रपति चुनावों में मिल रहे बीएसपी के समर्थन के कारण सीबीआई का केस कमजोर रहा।

आज एक बार फिर केन्द्र पर सीबीआई के इस्तेमाल का आरोप लगा है। ऐसा कैसे कि आंध्र प्रदेश में कांग्रेस से बगावत करने वाले जगन मोहन रेड्डी पर आय से अधिक संपत्ति का मामला सालभर में निबट जाता है और वह जेल भी चले जाते हैं। एक साल में ही सम्पत्ति की जांच, केस दर्ज, चार्ज शीट और जेल हो जाती है…। सीबीआई जल्दी ही उनके बैंक खाते फ्रीज कर देती है लेकिन स्पेक्ट्रम मामले में डीएमके के कलाईगनर टीवी के खातों को लेकर सीबीआई आगे नहीं बढ़ती है।

कैसे होता है कि समाजवादी पार्टी के मुलायम सिह यादव और परिवार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला 12 सालो से चला आ रहा है लेकिन जब-जब केन्द्र सरकार को पार्टी के सांसदो की ज़रूरत पड़ती है सीबीआई का रुख कमजोर दिखता है, चाहे 2008 में न्यूक्लियर डील के दौरान सपा के 36 सांसदों की ज़रुरत हो या फिर अब राष्ट्रपति चुनाव में।

शायद आज एक बार फिर राजनीति में भ्रष्टाचार, चुनाव सुधार और स्वतंत्र सीबीआई पर गौर की ज़रूरत है।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
मायावती, Mayawati, सीबीआई की हार, CBI, Nidhi Kulpati, निधि कुलपति