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This Article is From Mar 28, 2016

कोहली : अनिश्चितता के खेल में जीत सुनिश्चित करता एक शख्स

Sanjay Kishore
  • ब्लॉग,
  • Updated:
    मार्च 28, 2016 19:19 pm IST
    • Published On मार्च 28, 2016 19:11 pm IST
    • Last Updated On मार्च 28, 2016 19:19 pm IST
क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल माना जाता है। इस खेल में दिग्गज जानकार भी भविष्यवाणी करने से कतराते हैं। लेकिन एक शख्स ऐसा है जो "अनिश्चित" को "सुनिश्चित" कर रहा है, "अनहोनी" को "होनी" में बदल रहा है। 27 साल का विराट कोहली आज क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद चेहरा बन कर उभरा है। जब तक विराट कोहली क्रीज़ पर होते हैं तब तक न कोई शक और न ही कोई सवाल होता है। उनके बल्ले से टकराकर गेंद जब वापस बाउंड्री की ओर दौड़ती है तो मैदान पर बिखरती क्रिकेट की कलात्मकता का हर कोई कद्रदान हो जाता है।

जब विराट कोहली क्रीज़ पर उतरते हैं तो जरा उनके चेहरे पर दृढ़ता देखने की कोशिश करिएगा। उनके हावभाव में सकारात्मकता पर गौर फरमाइएगा। उनकी पारी को ध्यान से देखिएगा। मौके की नज़ाकत और हालात को भांपने की गजब की क्षमता है इस नौजवान बल्लेबाज़ में। हर गेंद को परखकर नपा और तुला शॉट लगाने वाला है कोई दूसरा बल्लेबाज़! उनके आत्मविश्वास में हर बार आपको जीत के लिए एक भरोसा नजर आएगा।  

अब तो सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ ब्रायन लारा भी उनकी असीमित प्रतिभा पर न्योच्छावर हुए जा रहे हैं। लारा उनकी गज़ब की टाइमिंग की खुलकर तारीफ़ कर रहे हैं। वेस्टइंडीज़ के महान बल्लेबाज़ सर विवियन रिचर्ड्स कहते हैं कि विराट उनकी तरह विस्फोटक बल्लेबाज़ी करते हैं। सचिन तेंदुलकर पहले ही कह चुके हैं कि विराट कोहली या रोहित शर्मा उनका रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। सुनील गावस्कर कहते हैं कि कोहली की शख़्सियत के दो पहलू हैं। जब कप्तानी या फील्डिंग कर रहे होते तो आक्रमक रहते हैं लेकिन एक बार बल्ला पकड़ते हैं तो शांत चित के साथ बहुत सोच-समझकर बल्लेबाज़ी करते हैं। सौरव गांगुली तो लक्ष्य का पीछा करने में उन्हें सचिन तेंदुलकर से भी बेहतर बता रहे हैं।

मिचेल जॉन्सन की स्लेज़िंग पर विराट का गुस्सा फूटता है तो देश उस गुस्से में उत्सव मना रहा होता है। जेम्स फ़ॉकनर की लगातार गेंदों को सीमा रेखा के बाहर पहुंचा कर जब कोहली हवा में जंप लगाते हैं तो सवा सौ करोड़ दिल धड़क-धड़क उठते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ जब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जीत पर छक्के के साथ हस्ताक्षर किए तो मैदान में विराट कोहली और पैवेलियन में बैठे अमिताभ बच्चन की जोश एक दूसरे से होड़ कर रहे थे। "एंग्री यंग मैन" और "एंग्री यंग ब्वॉय दोनों किसी से कम नहीं थे।

वर्ल्ड T20 के सबसे बड़े हीरो
रविवार को आईसीसी वर्ल्ड T20 में सुपर-10 के आख़िरी मैच में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 50 रन के अंदर भारत के तीन टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ पैवेलियन में थे। लेकिन क्या आपको एक पल के लिए भी लगा कि टीम इंडिया लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएगी? विराट क्रीज़ पर थे और शायद ही किसी की उम्मीद डगमगाई होगी। विराट ने ऐसी पारी खेली जिसे वे गर्व के साथ अपनी सर्वश्रेष्ठ पारियों में गिन रहे हैं।

इससे पहले इस बार भी भारत और पाकिस्तान के मैच में दोनों ही टीमों पर वही ज़बरदस्त दबाव था। कोलकाता में पाकिस्तान ने 119 रन का छोटा लक्ष्य दिया था। लेकिन शिखर धवन, रोहित शर्मा और सुरेश रैना 23 रन पर आउट हो गए। उस रात ईडन गार्डेन्स की पिच काफ़ी मुश्किल थी। कोहली ने 55 रनों की नाबाद पारी खेली। अर्धशतक पूरा करने के बाद पैवेलिययन में वो चेहरा तो नहीं था जिसके लिए वे फ़्लाइंग किस उछालते लेकिन वो चैंपियन ज़रुर मौज़ूद था जिसे कोहली अपना आदर्श मानते हैं। कोहली ने सचिन तेंदुलकर की ओर इशारा कर उनका अभिवादन किया।

ये भरोसा किसी एक या दो मैच से नहीं आया है। थोड़ा पीछे चलते हैं।

असली मैच विनर हैं कोहली
एशिया कप में पाकिस्तान को भारत ने सिर्फ 83 रन पर समेट दिया। जवाब में मोहम्मद आमिर ने पहले ही ओवर में रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे को आउट कर दिया। स्कोर बोर्ड पर 8 रन जुड़ते-जुड़ते सुरेश रैना भी पैवेलियन में थे। जो कोहली के चेहरे पर दृढ़ता और हावभाव में सकारात्कता को पढ़ पाए होंगे, उन्हें उनके आत्मविश्वास में जीत नज़र आई होगी। कोहली ने 49 रनों का शानदार पारी खेली। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भी कहा कि उन्हें कभी ऐसा लगा ही नहीं कि हम मैच हार जाएंगे। श्रीलंका के 138 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने 16 रन पर 2 विकेट गंवा दिए। क्रीज़ पर आए विराट कोहली। 47 गेंदों पर 56 रन बनाकर नॉट आउट रहते हुए मैच में जीत दिलाकर ही लौटे।

मौजूदा बल्लेबाज़ों में शतक के साथ सबसे बड़े मैच विनर विराट कोहली ही हैं। विराट कोहली के 36 में से 23 अंतर्राष्ट्रीय शतकों से भारत को जीत मिली है। सर डॉन ब्रैडमैन, मैथ्यू हेडन, स्टीव वॉ, रिकी पॉन्टिंग, विवियन रिचर्ड्स ही इस मामले में उनसे आगे हैं जबकि सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा पीछे हैं।

लक्ष्य का पीछा करने में सर्वश्रेष्ठ
T20 में रनों का पीछा करते हुए वो सबसे कामयाब बल्लेबाज़ हैं। कोहली के रहते लक्ष्य का पीछा करते हुए जिन 15 T20 मुकाबलों में भारत ने जीत हासिल की है, उसमें कोहली ने 122 से भी ज़्यादा की औसत से 737 रन बनाए हैं। जिसमें 8 अर्धशतक शामिल हैं।

विराट कोहली में की शख़्सियत में एक तरह की ज़िद है। हर हाल में जीत के लिए एक जज़्बा है। आख़िरी गेंद तक लड़ने की उनकी कोशिश उन्हें चैंपियन बनाएगी।

संजय किशोर एनडीटीवी के खेल विभाग में एसोसिएट एडिटर हैं...

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