हाजीपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां हाजीपुर नगर परिषद के अकाउंटेंट पद पर तैनात मनीष कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में EOU की टीम गुरुवार (11 जून) को उसके घर पर छापेमारी करने पहुंची थी. आरोप है कि मनीष कुमार के पास आय से 208 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है. उसने गैर कानूनी तरीके से संपत्ति अर्जित की है. बताया जा रहा है कि EOU की टीम ने करीब 8 घंटे छापेमारी की है.
EOU की 8 घंटे की रेड में करोड़ों की संपत्ति का सबूत मिला है. इसमें जमीन के पेपर, LIC और थार गाड़ी के दस्तावेज मिले हैं. इसके अलावा 50 हजार रुपये कैश और 7 लाख रुपये के जेवर जब्त किया गया है.
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करोड़ों की संपत्ति के सबूत मिले
नगर परिषद के भ्रष्ट लेखापाल मनीष कुमार के दो ठिकानों पर 8 घंटे चली रेड अब समाप्त हो गई है. रेड खत्म होने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने बताया कि अकाउंटेंट मनीष के पास से करोड़ों की संपत्ति के साक्ष्य मिले है. ईओयू कि टीम ने छापेमारी के दौरान जमीन का पेपर, एलआईसी के कई दस्तावेज सहित 50 हजार रुपया भी जब्त किया है.
एक ठेकेदार के घर पर भी हुई छापेमारी
हालांकि छापेमारी के दौरान अकाउंटेंट मनीष घर में मौजूद नहीं था, लिहाजा टीम ने घर की महिलाओं और अन्य सदस्यों से पूछताछ की है. इसके साथ ही मनीष कुमार से संबंधित एक ठेकेदार के यहां भी ईओयू की टीम पहुंची थी. लेकिन वहां से कुछ भी बरामद नहीं हो सका है. बताया जा रहा है कि मनीष कुमार को ईओयू ने नोटिस जारी कर सोमवार (12 जून) को मुजफ्फरपुर में हाजिर होने का आदेश दिया है.
बता दें कि अकाउंटेंट मनीष कुमार अनुकम्पा पर बहाल हुआ था और पिता की मृत्यु के बाद उसे नगर परिषद में 10 से 12 साल पहले नौकरी लगी थी. जिसके बाद से ही उसने ही नगर परिषद को अवैध कमाई का जरिया बना लिया जिससे अकूत संपत्ति अर्जित कर ली.
बहरहाल सबसे बड़ा सवाल है कि भ्रष्टाचार के इस खेल में क्या मनीष सिर्फ एक प्यादा है, और अगर ऐसा है तो नगर परिषद में बैठे भ्रष्टाचार के वजीर पर कब कार्रवाई होगी.
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