- सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ था हमला
- पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें अभी धमकियां मिल रही हैं
- मीडिया संयोजक जैद बिन मुजीब ने की एफआईआर दर्ज करने की मांग
बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने ऊपर हुए हमले को लेकर बयान दिया है. NDTV से खास बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें अभी भी धमकियां मिल रही हैं. कुछ लोग चाहते थे कि मुझे जिंदा जला दिया जाए. उन्होंने कहा, आज जनता नहीं होती तो बचते क्या? हमलावर चाकू लेकर आया था. कई लोग घायल हुए. एफआईआर दर्ज कराने के सवाल पर कहा कि क्या होगा इससे? उन्होंने कहा कि ये जो बाहर बड़ी-बड़ी मछलियां बैठी हैं, वो मरवाना चाहती हैं. वहीं, इस मुद्दे को संसद में उठाने के सवाल पर कहा कि वे अपने नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव के साथ खड़े हैं. सनातन की संस्कृति और जनता की आस्था के लिए सौ बार मरने में कोई दिक्कत नहीं है.
रविवार को पप्पू यादव के मीडिया संयोजक जैद बिन मुजीब ने नई दिल्ली के डीसीपी को लिखित शिकायत दी. शिकायत में पप्पू यादव पर चाकू से जानलेवा हमले की कोशिश का आरोप लगाते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है. शिकायत के अनुसार, कुछ लोगों के एक समूह ने पूर्वनियोजित तरीके से पप्पू यादव पर हमला करने का प्रयास किया. कुछ लोगों के एक समूह ने चाकू से पप्पू यादव पर हमला कर उनकी हत्या करने की कोशिश की. शिकायत में दावा किया गया है कि घटना के दौरान पप्पू यादव को बचाने की कोशिश में शिकायतकर्ता जैद बिन मुजीब और उनके साथ मौजूद दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जबकि पप्पू यादव को कोई चोट नहीं लगी.
घटना से पहले भी सुरक्षा की मांग की गई थी
शिकायत के अनुसार, घटना से पहले भी पप्पू यादव की सुरक्षा को लेकर पुलिस को लिखित शिकायत देकर सुरक्षा की मांग की गई थी. शिकायत में दावा किया गया है कि घटना के बाद कथित हमलावरों को पुलिस थाने ले जाया गया, लेकिन उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं की गई. शिकायत के अनुसार, घटना में पप्पू यादव को कोई चोट नहीं लगी, लेकिन शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन पर चाकू से हमला करने की कोशिश की गई. इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है.
शिकायत में सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने और उसे जांच का हिस्सा बनाने की मांग की गई है. शिकायत में घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो, मीडिया रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित करने की मांग की गई है. शिकायत में घटना में इस्तेमाल किए गए चाकू और अन्य हथियारों की बरामदगी तथा उनकी फोरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है. शिकायत में पप्पू यादव, शिकायतकर्ता ज़ैद बिन मुजीब, दोनों घायल सुरक्षा कर्मियों, मीडिया कर्मियों और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की मांग की गई है.
सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई
शिकायत में पप्पू यादव, उनके परिवार, स्टाफ, समर्थकों, सुरक्षा कर्मियों और शिकायतकर्ता की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई है. दावा किया गया है कि हाल के दिनों में पप्पू यादव को लेकर 51 लाख रुपये के इनाम की कथित घोषणा वाला वीडियो, उनकी पत्नी के आवास के बाहर लोगों के जुटने और सोशल मीडिया पर धमकी भरे पोस्ट जैसी घटनाएं भी हुई हैं. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है.
यह भी पढ़ें- 'हम तो बातचीत करने गए थे, 50-60 लोगों ने मारा...', पप्पू यादव पर हमले के आरोपी शख्स ने NDTV को क्या बताया?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं