जनशक्ति जनता दल के संरक्षक और RJD प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को पटना के बेउर जेल से रिहा कर दिया गया. 3 दिन की न्यायिक हिरासत में रहने के बाद वह जेल से बाहर आए. रिहाई के समय जेल परिसर के बाहर समर्थकों और मीडिया की भारी मौजूदगी रही. हालांकि, तेज प्रताप यादव ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया.
तेज प्रताप यादव ने बिना कोई बयान दिए हाथ जोड़कर समर्थकों और मीडिया का अभिवादन किया और वहां से रवाना हो गए. उनकी रिहाई के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला, जबकि इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं भी तेज हो गई हैं.
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव को वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 25 जुलाई को बुलाए गए बिहार बंद का समर्थन करने के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया गया था. इस दौरान पटना, सारण, सिवान, औरंगाबाद और भागलपुर में प्रदर्शन हिंसक हो गए थे.
न्यायिक हिरासत में भेजे गए तेज प्रताप यादव को फिलहाल बेउर केंद्रीय कारागार में रखा गया है. पुलिस का आरोप है कि पटना में उनके कृत्यों के कारण प्रदर्शन उग्र हो गया, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा. जेजेडी प्रमुख की ओर से पेश अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि तेज प्रताप यादव के खिलाफ प्राथमिकी रविवार रात लगभग 12 बजकर 50 मिनट पर दर्ज की गई, जबकि उन्हें कई घंटे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था.
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