शिवानंद तिवारी (फाइल फोटो)
पटना:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं सालगिरह पर 9 अगस्त को संसद में 'भ्रष्टाचार मुक्त भारत' का संकल्प लिया. उधर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालच मुक्त बिहार की बात कही थी. अब बिहार के नेता शिवानंद तिवारी ने इन दोंनों की बातों को नया जुमला करार दिया है. लालू प्रसाद पहले ही नीतीश कुमार को बड़ा लालची बता चुके हैं.
शिवानंद ने अपने फेसबुक वॉल पर नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के संकल्प को नया जुमला करार दिया. उन्होंने लिखा है कि 'लालच मुक्त बिहार और भ्रष्टाचार मुक्त भारत, 9 अगस्त के क्रांति दिवस पर इन दो बड़े संकल्पों की घोषणा हुई है. पहले संकल्प की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने और दूसरे की प्रधानमंत्री मोदी जी ने की है. दोनों संकल्प एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. लालच ही भ्रष्टाचार के लिए इंसान को प्रेरित करता है. इसलिए दोनों संकल्पों को अलग-अलग नहीं बल्कि इन्हें एक मानकर इन पर विचार किया जाना चाहिए.'
तिवारी ने आगे लिखा, 'दरअसल हमारी अर्थव्यवस्था ही लालच और भ्रष्टाचार पर आधारित है. धन-दौलत तथा उपभोग की वृद्धि ही आज हमारे जीवन का मूल्य और मक़सद बन गया है. अर्थव्यवस्था सिर्फ़ हमारी मांग की पूर्ति ही नहीं करती है बल्कि नयी और कृत्रिम मांगों की सृष्टि भी करती है. उत्पादों का नवीकरण और हमारे जीवन में इनकी ज़रूरत की सृष्टि करना ही उपभोक्तावाद है. इसके बग़ैर हमारा तथाकथित विकास ही रुकने लगता है. आज धर्म नहीं बल्कि उपभोक्तावाद अफ़ीम है. इससे छुटकारा दिलाये बग़ैर लालच और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने की बात करना नया जुमला है.'
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लालू ने नीतीश को बताया लालची
इससे पहले लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार को लालची करार दिया और कहा कि वह हमको क्या सिखाएंगे कि लालच ना करें. उन्होंने भागलपुर के भूमि घोटाले में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों के शामिल होने के भी आरोप लगाए. चारा घोटाले के एक मामले में विशेष सीबीआई अदालत में पेश होने के बाद मीडिया से बात करते हुए लालू प्रसाद यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार स्वयं बहुत लालची व्यक्ति हैं.
यह भी पढ़ें: नीतीश कुमार का DNA पहले खराब था या अब है, फेसबुक पर तेजस्वी यादव ने पूछा सवाल
उन्होंने कहा, ‘‘पहले नीतीश अपनी लालच छोड़े उसके बाद हमें लालच छोड़ने की सीख दे तो बेहतर होगा.’’ मीडिया ने उनसे पूछा था कि नीतीश के उस बयान के बारे में उनका क्या कहना है जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद से सत्ता का लालच छोड़ने को कहा था.
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लालू ने भागलपुर में उजागर हुए जमीन घोटाले के लिए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को जिम्मेदार ठहराया था. लालू ने आरोप लगाया कि नीतीश राज में बड़े घोटाले हो रहे हैं. भागलपुर में हुआ जमीन घोटाला कई हजार करोड़ रुपये का है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका है. जब मामला लीक हो रहा था तो जांच का नाटक किया जा रहा है. लालू ने कहा, ''इस घोटाले के लिए सुशील मोदी जिम्मेदार हैं. वित्त मंत्री रहते सुशील मोदी ने 'सृजन' संस्था के माध्यम से घोटाला कराया. इसमें नीतीश कुमार की भी संलिप्तता है. कई अधिकारी भी शामिल रहे हैं.''
VIDEO: शरद यादव ने साधा निशाना
शिवानंद ने अपने फेसबुक वॉल पर नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के संकल्प को नया जुमला करार दिया. उन्होंने लिखा है कि 'लालच मुक्त बिहार और भ्रष्टाचार मुक्त भारत, 9 अगस्त के क्रांति दिवस पर इन दो बड़े संकल्पों की घोषणा हुई है. पहले संकल्प की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने और दूसरे की प्रधानमंत्री मोदी जी ने की है. दोनों संकल्प एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. लालच ही भ्रष्टाचार के लिए इंसान को प्रेरित करता है. इसलिए दोनों संकल्पों को अलग-अलग नहीं बल्कि इन्हें एक मानकर इन पर विचार किया जाना चाहिए.'
तिवारी ने आगे लिखा, 'दरअसल हमारी अर्थव्यवस्था ही लालच और भ्रष्टाचार पर आधारित है. धन-दौलत तथा उपभोग की वृद्धि ही आज हमारे जीवन का मूल्य और मक़सद बन गया है. अर्थव्यवस्था सिर्फ़ हमारी मांग की पूर्ति ही नहीं करती है बल्कि नयी और कृत्रिम मांगों की सृष्टि भी करती है. उत्पादों का नवीकरण और हमारे जीवन में इनकी ज़रूरत की सृष्टि करना ही उपभोक्तावाद है. इसके बग़ैर हमारा तथाकथित विकास ही रुकने लगता है. आज धर्म नहीं बल्कि उपभोक्तावाद अफ़ीम है. इससे छुटकारा दिलाये बग़ैर लालच और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने की बात करना नया जुमला है.'
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लालू ने नीतीश को बताया लालची
इससे पहले लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार को लालची करार दिया और कहा कि वह हमको क्या सिखाएंगे कि लालच ना करें. उन्होंने भागलपुर के भूमि घोटाले में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों के शामिल होने के भी आरोप लगाए. चारा घोटाले के एक मामले में विशेष सीबीआई अदालत में पेश होने के बाद मीडिया से बात करते हुए लालू प्रसाद यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार स्वयं बहुत लालची व्यक्ति हैं.
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उन्होंने कहा, ‘‘पहले नीतीश अपनी लालच छोड़े उसके बाद हमें लालच छोड़ने की सीख दे तो बेहतर होगा.’’ मीडिया ने उनसे पूछा था कि नीतीश के उस बयान के बारे में उनका क्या कहना है जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद से सत्ता का लालच छोड़ने को कहा था.
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लालू ने भागलपुर में उजागर हुए जमीन घोटाले के लिए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को जिम्मेदार ठहराया था. लालू ने आरोप लगाया कि नीतीश राज में बड़े घोटाले हो रहे हैं. भागलपुर में हुआ जमीन घोटाला कई हजार करोड़ रुपये का है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका है. जब मामला लीक हो रहा था तो जांच का नाटक किया जा रहा है. लालू ने कहा, ''इस घोटाले के लिए सुशील मोदी जिम्मेदार हैं. वित्त मंत्री रहते सुशील मोदी ने 'सृजन' संस्था के माध्यम से घोटाला कराया. इसमें नीतीश कुमार की भी संलिप्तता है. कई अधिकारी भी शामिल रहे हैं.''
VIDEO: शरद यादव ने साधा निशाना
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Shivanand Tiwari