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This Article is From Oct 20, 2025

36 MLA के टिकट काटे, तेजस्वी ने ऐसा फैसला क्यों लिया, तेज प्रताप की सीट से किसे बनाया RJD प्रत्याशी?

विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय जनता दल ने टिकट वितरण में बड़ा फेरबदल करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. पार्टी ने 2020 में जीती हुई 37 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को बदलकर नई रणनीति अपनाई है.

36 MLA के टिकट काटे, तेजस्वी ने ऐसा फैसला क्यों लिया, तेज प्रताप की सीट से किसे बनाया RJD प्रत्याशी?
  • राष्ट्रीय जनता दल ने 2020 में जीती 37 सीटों के उम्मीदवार बदलकर नई रणनीति अपनाई है
  • 2020 के विधानसभा चुनाव में जीतने वाले 38 विधायकों में से 37 को इस बार टिकट नहीं मिला है
  • AIMIM से आए तीन विधायकों को इस बार राजद ने टिकट नहीं दिया है, हालांकि कुछ अपवाद भी रहे हैं
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पटना:

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन अपने 143 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. पिछली बार 144 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली RJD ने इस बार बड़े पैमाने पर सिटिंग विधायकों के टिकट काटे हैं, जिससे पार्टी के भीतर हलचल मची हुई है. पार्टी ने कुल 36 सिटिंग विधायकों को बेटिकट कर दिया है. यह संख्या पिछली बार चुनाव लड़ने वाले विधायकों की एक बड़ी संख्या है. हालांकि, 41 विधायकों पर पार्टी ने फिर से भरोसा जताया है और दोबारा उम्मीदवार बनाया है. इनमें आलोक मेहता, चंद्रशेखर, यूसुफ सलाउद्दीन और चंद्रहास चौपाल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं.

तेज प्रताप की सीट पर माला पुष्पम उम्मीदवार

जहानाबाद से विधायक सुदय यादव की सीट बदली गई है. उन्हें जहानाबाद की जगह कुर्था सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. सबसे बड़ा फेरबदल करते हुए, पार्टी ने तेजप्रताप यादव की जगह माला पुष्पम को उम्मीदवार बनाया है. रघुनाथपुर से सिटिंग विधायक हरिशंकर यादव का टिकट काटकर बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को उम्मीदवार बनाया गया है. धौरेया से विधायक भूदेव चौधरी का टिकट भी काटा गया है. दिनारा से पार्टी ने सिटिंग विधायक का टिकट काटकर RJD के युवा प्रदेश अध्यक्ष राजेश यादव को उम्मीदवार बनाया है.

पाला बदलने वाले विधायकों का पत्ता साफ

जिन विधायकों के टिकट काटे गए हैं, उनमें वे नाम भी शामिल हैं जिन्होंने फ्लोर टेस्ट के दौरान पाला बदलकर एनडीए का दामन थाम लिया था. इनमें चेतन आनंद, नीलम देवी, प्रहलाद यादव, विभा देवी, संगीता देवी और प्रकाश वीर जैसे नाम प्रमुख हैं. इन सभी विधायकों को RJD ने टिकट नहीं दिया है.

AIMIM से आए सिर्फ एक को मिला टिकट

हाल ही में AIMIM छोड़कर RJD में शामिल हुए 4 विधायकों में से सिर्फ 1 को ही टिकट मिला है. सिर्फ जोकीहाट विधायक शाहनवाज आलम को टिकट मिला है, जो राजद के दिग्गज नेता तस्लीमुद्दीन के बेटे हैं. कोचाधामन के मोहम्मद इज़हार अस्फी, बायसी के रुकानुद्दीन अहमद और बहादुरगंज के अंज़ार नईमी का टिकट काट दिया गया है.

जाति और लिंग समीकरण

RJD की 143 सीटों की सूची में पार्टी ने सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है- कुल 24 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. 18 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है.

उपचुनाव की हार का असर

2020 के बाद हुए उपचुनावों के परिणामों से भी प्रेरित है. पार्टी को रामगढ़, बेलागंज और कुढ़नी में हुए उपचुनावों में हार का सामना करना पड़ा था. इन हार ने पार्टी नेतृत्व को यह संकेत दिया कि कुछ सीटों पर उम्मीदवार बदलना और स्थानीय स्तर पर असंतोष को दूर करना आवश्यक है. राजद की यह टिकट वितरण रणनीति आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के लिए अहम हो सकती है.

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