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This Article is From Jul 24, 2025

पहले वोटर सरकार चुनते थे, अब सरकार वोटर को चुन रही है...बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन विवाद पर RJD सांसद

RJD सांसद संजय यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पूर्ण परीक्षण की आड़ में वोटों की चोरी की जा रही है. यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है. हम विधानसभा, संसद, सड़क और कोर्ट — हर जगह संघर्ष कर रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि हमारी बात कौन सुनेगा?

पहले वोटर सरकार चुनते थे, अब सरकार वोटर को चुन रही है...बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन विवाद पर RJD सांसद
संजय यादव
  • चुनाव आयोग की तरफ से बिहार में किए जा रहे वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन
  • संजय यादव ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट SIR के नाम पर वोटों की चोरी की जा रही है जो लोकतंत्र पर हमला है
  • संजय यादव ने कहा कि गठबंधन के सवालों को नजरअंदाज किया जा रहा है और चुनाव आयोग से जवाब नहीं मिल रहे हैं
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पटना:

RJD के सीनियर नेता और सांसद संजय यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. NDTV इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “ आज लगातार तीसरा दिन है और हम मकरध्वज के बाहर काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन कर रहे हैं. जिस तरह से चुनाव आयोग ने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को एकतरफा और अपारदर्शी बना दिया है, ऐसा लगता है जैसे उसने खुद को सत्ताधारी दल के पास गिरवी रख दिया है.”

हमारे सवालों का जवाब नहीं मिला

इसके साथ ही RJD के सीनियर नेता और सांसद संजय यादव ने कहा, “चुनाव आयोग तो एक स्वतंत्र संस्था है, जाहिर है कि उसे निष्पक्ष ढंग से काम करना चाहिए और सभी दलों की बात सुननी चाहिए. लेकिन हमारे गठबंधन के सवालों को नजरअंदाज किया जा रहा है. हमने पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की, बिहार बंद किया, लेकिन हमारे सवालों का न तो जवाब मिला, न ही सवालों को सुनने की कोशिश की गई.”

चुनाव आयोग पर लगाया गंभीर आरोप

संजय यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पूर्ण परीक्षण की आड़ में वोटों की चोरी की जा रही है. “यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है. हम विधानसभा, संसद, सड़क और कोर्ट — हर जगह संघर्ष कर रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि हमारी बात कौन सुनेगा?” उन्होंने 2020 के चुनाव का हवाला देते हुए कहा, “हमने तो ये भुगता है कि कैसे हमारे जीते हुए उम्मीदवारों को हराया गया. महाराष्ट्र में छह महीने में 40 लाख वोट जोड़ दिए गए, लेकिन बिहार में 55 लाख वोट काट दिए गए.

तेजस्वी के चुनाव बॉयकॉट वाले बयान पर क्या कहा

चुनाव आयोग कहता है कि ये विदेशी हैं, बांग्लादेशी हैं — तो फिर सवाल उठता है कि 20 साल से बिहार में किसकी सरकार है?” तेजस्वी यादव के चुनाव बॉयकॉट वाले बयान पर उन्होंने कहा, “तेजस्वी जी ने जो कहा, वह चुनाव आयोग की कार्यशैली के प्रति उनकी गहरी नाराज़गी का प्रतीक है. आज़ादी के 75 साल बाद भी विपक्ष को चुनाव बहिष्कार तक सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है — यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है.”

मतदाता सरकार चुनते थे, अब सरकार मतदाता चुन रही है

उन्होंने यह भी कहा, “हमारे पास ज़मीन से जानकारी है. 20 दिन तक बीस हज़ार से ज़्यादा बूथों पर BLO नहीं थे. अगर डिजिटल भारत की बात हो रही है, तो चुनाव आयोग बताए कि कितने मतदाताओं को SMS भेजा गया, कितनों को सूचना मिली?” संजय यादव ने आखिर में कहा, “अब पहले मतदाता सरकार चुनते थे, अब सरकार मतदाता चुन रही है. हम तार्किक और तथ्यात्मक सवाल उठा रहे हैं. चुनाव आयोग को चाहिए कि वह हमारे सवालों का जवाब दे — तर्क, तथ्य और आंकड़ों के साथ.”

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