- बिहार विधानसभा चुनाव में 45 नेताओं की जीत पर पटना उच्च न्यायालय में चुनाव को चुनौती दी गई है
- चुनाव याचिकाएं पराजित प्रत्याशियों ने दायर की हैं और निर्वाचन आयोग ने अदालत में यह जानकारी दी है
- अधिकांश याचिकाएं विजयी उम्मीदवारों के हलफनामों में कथित विसंगतियों और कानून उल्लंघन के आधार पर हैं
बिहार में पिछले साल हुआ विधानसभा चुनाव एक बार सुर्खियों में आता दिख रहा है. दरअसल, मामला पिछले चुनाव में 45 नेताओं के जीत से जुड़ा है. अब इन नेताओं की जीत पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. इन नेताओं में बिहार विधानसभा अध्यक्ष का नाम भी शामिल है. बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत 45 सदस्यों के चयन यानी निर्वाचन को पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है. निर्वाचन आयोग की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता ने गुरुवार को यह जानकारी दी. चुनाव आयोग का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने बताया कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से पराजित प्रत्याशियों ने ये चुनाव याचिकाएं दायर की हैं और प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं.
सिद्धार्थ प्रसाद ने बताया कि आम तौर पर कोई भी चुनाव याचिका सीधे खारिज नहीं की जाती. प्रतिवादियों को नोटिस भेजे जाते हैं और उपलब्ध सामग्री की जांच के बाद न्यायालय आदेश पारित करता है. गया टाउन सीट से प्रेम कुमार के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई है. हालांकि, उनके मामले में अब तक नोटिस जारी नहीं हुआ है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठवीं बार विधायक बने प्रेम कुमार के निर्वाचन को कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाले अखौरी ओंकार नाथ ने चुनौती दी है. वह 26 हजार से अधिक मतों से हारे थे. प्रसाद ने बताया कि अधिकतर चुनाव याचिकाएं विजयी उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों में कथित विसंगतियों या जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर दायर की गई हैं.
सूत्रों के अनुसार, जिन प्रमुख नेताओं के निर्वाचन को चुनौती दी गई है उनमें जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और युवा विधायक चेतन आनंद व भाजपा के पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा शामिल हैं.राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक विधायक के निर्वाचन को भी चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई है. यह याचिका गोह सीट से 4,041 मतों के मामूली अंतर से विजयी रहे अमरेंद्र कुमार के निर्वाचन के खिलाफ दायर की गई है.
इस मामले को लेकर जदयू विधायक ऋतुराज ने कहा कि मैं खुद अधिवक्ता हूं मैं खुद अपना हालफनामा भरा है उसका जवाब हम कोर्ट में देंगे. जदयू विधायक चेतन आनंद ने इस मुद्दे पर कहा कि अभी तक हमारे पास नोटिस नहीं आया है लेकिन हम यह समझते हैं कि हाई कोर्ट सक्षम है इन सब चीजों को देखने के लिए.वहीं, कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि रिपोर्ट में नोटिस जारी किया है तो हम उसका जवाब हाईकोर्ट में देंगे.
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