- पूर्णिया पुलिस ने असम से बंगाल होते हुए वैशाली ले जाई जा रही विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की है.
- टैंकर में डीजल या पेट्रोल के बजाय चार सौ कार्टन शराब रखे गए थे, जिसकी कीमत लगभग पैंसठ लाख रुपए बताई जाती है.
- टैंकर के चालक रामबाबू राय को गिरफ्तार किया गया है.
बिहार में शराब की तस्करी का कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है. शराब की तस्करी रेल और सड़क मार्ग से आम है. लेकिन पेट्रोल-डीजल टैंकर से शराब तस्करी का सनसनीखेज खुलासा शुक्रवार को हुआ है. असम से बंगाल के रास्ते वैशाली ले जाए जा रहे विदेशी शराब की एक बड़ी खेप को पूर्णिया पुलिस ने जलालगढ़ में बरामद कर लिया है. खास बात यह है कि शराब की बरामदगी डीजल-पेट्रोल के टैंकर से हुई है. हैरान करने वाली बात यह है कि टैंकर में एक बूंद भी डीजल या पेट्रोल नहीं था बल्कि उसकी जगह 400 कार्टन शराब थी, जो 5080 लीटर बताई जाती है. बाजार में इसकी कीमत लगभग 65 लाख रुपए बताई जाती है.
इस मामले में टैंकर के चालक वैशाली जिले के मदरना निवासी रामबाबू राय को गिरफ्तार कर लिया है. गौरतलब है कि देश के एक बड़े हिस्से में पूर्वोत्तर भारत से स्मैक, गांजा और शराब की खेप पूर्णिया के रास्ते पहुंचाई जाती है.
उत्पाद विभाग की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने बताया कि मद्य निषेध और राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो, पटना से यह सूचना मिली थी कि दस चक्का युक्त टैंकर (न.-NLO2Q 8091) से शराब की एक बड़ी खेप आसाम से पूर्णिया के रास्ते वैशाली ले जाई जा रही है. सूचना के उपरांत जलालगढ़ के चंपानगर लेन सड़क स्थित मिश्रीलाल चौक पर वाहनों की चेकिंग शुरू की गई. इसी दौरान अररिया से आ रही टैंकर को जब रोक कर जांच की गई तो शराब की भारी मात्रा बरामद हुई. इस दौरान ट्रक चालक भागने में सफल रहा लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

पेट्रोल टैंकर से जब्त विदेशी शराब की बड़ी खेप.
टैंकर के अंदर तेल की जगह रखा हुआ था शराब का कार्टन
अक्सर चार चक्का वाहनों के डैश बोर्ड से लेकर ट्रकों में तहखाने बनाकर शराब और गांजा की तस्करी आम बात है. बालू और गिट्टी के ट्रकों में और सब्जी वाहन से भी शराब की तस्करी होती है लेकिन इस बार तस्करों ने नवीन तकनीक का इस्तेमाल किया लेकिन पकड़ा गया. दरअसल, टैंकर के ऊपरी हिस्से को काटकर पहले शराब का कार्टन डाला गया और फिर इस जगह की बेल्डिंग कर दी गई.
पूर्णिया बना है शराब और सूखा नशे के तस्करी का अड्डा
पूर्णिया की सीमा पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमा से जुड़ी हुई है. बिहार में शराबबंदी है तो नेपाल और बंगाल का बाजार खुला हुआ है. ऐसे में पूर्वोत्तर भारत से खासकर स्मैक और गांजा तथा बंगाल, असम और नेपाल से अवैध शराब की तस्करी बिहार के अलग-अलग हिस्से में होती है. सूखा नशा तो उत्तरप्रदेश, हरियाणा और दिल्ली तक पूर्णिया के रास्ते पहुंचती है.
पूर्णिया और बंगाल की सीमा दालकोला में मद्य निषेध विभाग का चेकपोस्ट भी है, बावजूद तस्कर अपने मकसद में कामयाब हो जा रहे हैं. हाल में अररिया-सिलीगुड़ी हाईवे निर्माण के बाद इस रास्ते भी पूर्णिया में प्रवेश किया जा सकता है और पकड़े गए टैंकर को इसी रास्ते से पूर्णिया लाया गया था. समस्या यह है कि ऐसे मामलों में अक्सर केवल 'कैरियर' की गिरफ्तारी होती है जो चालक होते हैं, पर्दे के पीछे से पूरे गिरोह को चला रहा तस्कर पुलिस की पकड़ में नहीं आ पाता.
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