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क्या होता है राष्ट्रपति का प्रोटोकॉल? बंगाल में द्रौपदी मुर्मू ने खुले मंच से क्यों की ममता बनर्जी की आलोचना

शनिवार को बंगाल के दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम से बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने दूरी बनाए रखी. न तो वो राष्ट्रपति का स्वागत करते एयरपोर्ट पहुंचीं और ना ही उनके कार्यक्रम में शामिल हुईं. इसे लेकर राष्ट्रपति ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें (ममता बनर्जी) को मेरे साथ होना चाहिए था. 

क्या होता है राष्ट्रपति का प्रोटोकॉल? बंगाल में द्रौपदी मुर्मू ने खुले मंच से क्यों की ममता बनर्जी की आलोचना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी.
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ममता बनर्जी के कार्यक्रम में न आने और अन्य गड़बड़ियों के लिए नाराजगी जताई है.
  • बंगाल सरकार ने राष्ट्रपति के मूल कार्यक्रम स्थल बिधाननगर में आयोजन की अनुमति नहीं दी.
  • BJP ने इसे राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल में चूक बताया है, आईए जानते हैं कि राष्ट्रपति का प्रोटोकॉल क्या होता है?
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President's protocol: शनिवार को 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने दार्जिलिंग पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बंगाल CM ममता बनर्जी के प्रति नाराजगी जताई. राष्ट्रपति ने सिलीगुडी के बिधानगर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी के लिए कहा कि उन्हें मेरे कार्यक्रम में साथ होना चाहिए था. राष्ट्रपति ने कहा, “मैं बंगाल की बेटी हूं, फिर भी मुझे यहां आने की अनुमति नहीं है. ममता मेरी छोटी बहन जैसी हैं, पता नहीं, शायद वह मुझसे नाराज हैं. इसीलिए मुझे कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वहां (गोशाईपुर) जाना पड़ा. कोई बात नहीं, मुझे इस बात का कोई गुस्सा या नाराजगी नहीं है.”

बीजेपी ने कहा- राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल में चूक

खुले मंच से सामने आए राष्ट्रपति के इस बयान को BJP ने उनके प्रोटोकॉल में चूक बताकर बंगाल सरकार की आलोचना की है. बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर एक वीडियो शेयर कर लिखा कि आज पश्चिम बंगाल में घटी घटनाओं से ममता बनर्जी सरकार के नेतृत्व में संवैधानिक ढांचे के पूर्ण पतन का संकेत मिलता है.

अमित मालवीय ने एक्स पर उठाए सवाल

अमित मालवीय ने लिखा- एक दुर्लभ और अभूतपूर्व घटनाक्रम में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिलीगुड़ी यात्रा के दौरान तैयारियों और प्रोटोकॉल के अभाव पर खुलकर नाराजगी व्यक्त की. इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय संथाली सम्मेलन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसमें स्वयं राष्ट्रपति मुख्य अतिथि थीं.

राष्ट्रपति के बयान और BJP नेता अमित मालवीय द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बीच यह जानना मौजूं है कि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान उनका प्रोटोकॉल क्या होता है? 

राष्ट्रपति देश का सबसे बड़ा संवैधानिक पद

राष्ट्रपति देश का सबसे बड़ा संवैधानिक पद है. राष्ट्रपति देश के प्रथम नागरिक होते हैं. उनकी सुरक्षा और गरिमा के लिए एक खास प्रोटोकॉल बनाया गया है, जिसे उनकी हर यात्रा के दौरान फॉलो करना होता है. उनके आवागमन से पहले कुछ खास तैयारियां की जाती हैं. जब भी राष्ट्रपति किसी यात्रा पर जाते हैं तो उनका कार्यक्रम पहले से तय होता है. 

राष्ट्रपति के कार्यक्रम में कोई तब्दीली नहीं हो सकती

राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के तहत उनके दौरे के कार्यक्रम में किसी तरह की कोई भी तब्दीली नहीं की जा सकती है. इसके अलावा उनसे मिलने वालों की संख्या भी तय होती है. यह पहले से निर्धारित होता है कि कौन लोग राष्ट्रपति के किसी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे. यह लिस्ट राष्ट्रपति भवन से स्वीकृति के बाद ही बनाई और आगे बढ़ाई जाती है.

9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू.

9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू.

राष्ट्रपति के कार्यक्रम में कौन-कौन होते हैं शामिल

राष्ट्रपति के कार्यक्रम में सिर्फ विशिष्ट व्यक्ति और अधिकारी ही शामिल हो सकते हैं. इसमें राज्यपाल, प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक, सरकार के सचिव (राजनीतिक), पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी, रक्षा सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी ही राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं. राष्ट्रपति का स्वागत एयरपोर्ट पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री करते हैं.

ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम से बनाई दूरी

लेकिन शनिवार को बंगाल के दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम से बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने दूरी बनाए रखी. न तो वो राष्ट्रपति का स्वागत करते एयरपोर्ट पहुंचीं और ना ही उनके कार्यक्रम में शामिल हुईं. इसे लेकर राष्ट्रपति ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें (ममता बनर्जी) को मेरे साथ होना चाहिए था. 

बिधाननगर में राष्ट्रपति के कार्यक्रम को नहीं मिली मंजूरी

दरअसल राष्ट्रपति को मूल रूप से सिलीगुड़ी के बिधाननगर उपमंडल में कार्यक्रम को संबोधित करना था, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी. इसलिए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा के गोशाईपुर में स्थानांतरित कर दिया गया. अपना कार्यक्रम पूरा करने के बाद वह मूल स्थल पर गईं और वहां अपनी बात रखी.

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