पटना शहर में जल जमाव को लेकर प्रभावित इलाकों में सभी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गुस्सा है फिर चाहे वो मंत्री हों, विधायक या मेयर. इसका अंदाज़ा इन सबों को है लेकिन अब अपनी गलतियों को स्वीकार करने की बजाय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सारा ठीकरा फ़ोड़ने की एक रणनीति के तहत ये लोग बारी-बारी से संवादाता सम्मेलन कर रहे हैं. लेकिन पटना कि मेयर सीता साहू का ये दांव शुक्रवार को तब उल्टा पड़ गया जब वो संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों के अधिकांश सवालों का जवाब नहीं दे पाईं. इस संवाददाता सम्मेलन का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें पत्रकार जब उनसे पूछ रहे हैं कि आख़िर पटना में कितने सम्प हाउस काम कर रहे थे तो उन्होंने कहा 49 उसके बाद नाला कि उड़ायी पर कितना ख़र्च हुआ तो उसका जवाब उनके पास नहीं था.
नालियों को साफ़ करने के लिए और शहर को साफ़ सुथरा रखने के लिए कितने उपकरण ख़रीदे गए और उस पर कितनी राशि ख़र्च हुई, इसका भी जवाब उनके पास नहीं था. लेकिन इस संवाददाता सम्मेलन में उनके पुत्र जो पटना में कहीं से पार्षद भी नहीं हैं, ज़रूर टोका टोकी कर रहे थे जिससे ये बात साबित हुई कि अपनी मां के काम में वो सक्रिय रूप से भाग लेते हैं.
पटना में अब डेंगू और चिकनगुनिया का बढ़ा खतरा
बिहार में बाढ़ और बारिश में मरने वालों की संख्या 161 से ज़्यादा हो गई है. क़रीब 15 ज़िलों में लगातार बारिश से बुरे हालत हो गए हैं. राजधानी पटना में बारिश थमने के बाद भी कई इलाकों में अभी भी पानी जमा है. कुछ इलाकों में पानी निकाला गया है जहां अब महामारी का ख़तरा बन गया है. राज्य भर से डेंगू के 666 मामले सामने आए हैं जिसमें से अकेले पटना में डेंगू के 405 मामले हैं. वहीं चिकनगुनिया के 73 मामले सामने आए हैं, जिसमें से 60 मामले पटना के हैं. पटना में अब भी राहत और बचाव के काम में NDRF और SDRF की टीमें लगी हैं.
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