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नीतीश कुमार बिहार में रहें...मुख्यमंत्री आवास के बाहर अनशन पर बैठे JDU कार्यकर्ता की मांग

पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर जेडीयू के त्रिलोकी दास अनशन पर बैठ गए. वे नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का विरोध कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि वे बिहार में रहकर जनता की सेवा जारी रखें पुलिस मौके पर पहुंचकर उन्हें हटाने की कोशिश कर रही है.

नीतीश कुमार बिहार में रहें...मुख्यमंत्री आवास के बाहर अनशन पर बैठे JDU कार्यकर्ता की मांग
सीएम आवास के बाहर जेडीयू कार्यकर्ता
  • नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है, जो बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत
  • मुख्यमंत्री आवास के सामने त्रिलोकी दास नामक व्यक्ति ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के खिलाफ अनशन शुरू किया है
  • त्रिलोकी दास ने कहा है कि वे किसी भी कीमत पर नीतीश कुमार को बिहार छोड़कर राज्यसभा नहीं जाने देंगे
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पटना:

बिहार में नीतीश कुमार के राज्यसभा का पर्चा भरने और उनके दिल्ली जाने की खबरों से हर कोई हैरान है. नीतीश कुमार के इस फैसले से उनके चाहने वालों में नाराजगी भी है, दरअसल उन्हें इस बात का यकीन ही नहीं हो रहा है कि उनके चहेते नेता कैसे उनसे दूर जा सकते हैं. इसी की एक और बानगी पटना में तब देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने एक व्यक्ति अनशन पर बैठ गए हैं. उनका नाम त्रिलोकी दास है, जो खुद को जदयू (JDU) का प्रदेश महासचिव बता रहे हैं.

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बिहार का शांति और विकास नीतीश की देन

हाथ में पोस्टर लिए त्रिलोकी दास का कहना है कि हम किसी भी हालत में नीतीश कुमार को राज्यसभा नहीं जाने देंगे. वे बिहार में रहें और बिहार की जनता की सेवा करें. इसके साथ ही उनका दावा है कि बिहार में आज जो शांति और विकास दिख रहा है, वह नीतीश कुमार की देन है. त्रिलोकी दास ने साफ किया कि वे किसी भी हालत में यहां से नहीं हटेंगे और जीवन के अंतिम दम तक उनका अनशन जारी रहेगा. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है और फिलहाल उन्हें हटाने की कोशिशें जारी हैं.

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नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन

नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन पेपर फाइल किया, जो बिहार की पॉलिटिक्स में एक टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है. इसी के साथ राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले उनके कार्यकाल का लगभग अंत हो गया, जिससे हिंदी हार्टलैंड राज्य में एक नई सरकार का रास्ता भी साफ हो गया, जिसका नेतृत्व BJP कर सकती है. नीतीश कुमार, जो पिछले हफ्ते 75 साल के हुए, इतिहास में एक होशियार पॉलिटिशियन के तौर पर जाने जाएंगे, जिन्होंने 2005 से रिकॉर्ड 10 बार राज्य सरकार का नेतृत्व किया, इसके बावजूद कि उनकी JDU को राज्य असेंबली में कभी मेजॉरिटी नहीं मिली.

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नीतीश ने राज्य के लोगों का जताया आभार

राज्य के लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए कुमार ने कहा, "दो दशकों से ज़्यादा समय से, आपने लगातार मुझ पर अपना भरोसा और सपोर्ट दिखाया है, और इसी भरोसे के दम पर हमने बिहार और आप सभी की पूरी लगन से सेवा की है. यह आपके भरोसे और सपोर्ट की ताकत है जिसने आज बिहार को विकास और सम्मान का एक नया आयाम पेश करने में मदद की है." कुमार ने कहा कि अपनी पार्लियामेंट्री यात्रा की शुरुआत से ही, वह बिहार लेजिस्लेचर के दोनों सदनों के साथ-साथ पार्लियामेंट के दोनों सदनों का मेंबर बनना चाहते थे. उन्होंने कहा, "इसी ख्वाहिश को ध्यान में रखते हुए, मैं इस बार हो रहे चुनावों में राज्यसभा का मेंबर बनना चाहता हूं."

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