- सांसद पप्पू यादव ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने हमेशा वैचारिक राजनीति की, कभी व्यक्तिगत हमला नहीं किया.
- उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अच्छे कामों में साथ दिया, बावजूद इसके उन पर अचानक केस लगाए जा रहे हैं.
- पप्पू यादव ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामले आंदोलन और आचार संहिता से जुड़े हैं, कोई आपराधिक मामला नहीं है.
बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कोर्ट में पेशी के दौरान अपने वकील के माध्यम से एक लंबा और भावनात्मक संदेश दिया है. अपने संदेश में पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य सरकार के कई बड़े अधिकारियों और नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा वैचारिक राजनीति की है, कभी व्यक्तिगत हमला नहीं किया. नीतीश कुमार के हर अच्छे काम में साथ खड़े रहे. यहां तक कि जब बीजेपी और आरजेडी नीतीश कुमार की आलोचना कर रहे थे, तब भी वे उनके साथ थे.
पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि आखिर अचानक उन पर केस क्यों लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले आंदोलन और आचार संहिता से जुड़े हैं. कोई भी आपराधिक मामला नहीं है. फिर भी उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है. उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में छात्र आंदोलन की आवाज उठाने पर, फिर कोरोना काल में सरकार की कमियों पर सवाल करने पर और अब 2026 में फिर से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.
उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में सरकार सर्वोच्च नहीं होती, बल्कि जनता और न्यायालय सर्वोच्च होते हैं. वे कहते हैं कि जो व्यक्ति कभी मौत से नहीं डरा, वह पुलिस या सत्ता के दबाव से डरने वाला नहीं है. पप्पू यादव ने नीट की छात्रा और बिहार की बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि जब वे बेटियों के लिए आवाज उठाते हैं, तो इसे सरकार अपनी प्रतिष्ठा पर हमला मान लेती है. जबकि उनका उद्देश्य सरकार को मजबूत करना और प्रशासन की गलतियों की ओर ध्यान दिलाना है.
उन्होंने डीजीपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर भी तीखे सवाल उठाए और कहा कि जनता सब कुछ देख और समझ रही है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास कई मामलों से जुड़े सबूत हैं. लेकिन वे अपनी मर्यादा में रहकर कभी व्यक्तिगत बदले की राजनीति नहीं करेंगे.
अपने संदेश में पप्पू यादव ने यह स्पष्ट किया कि वे इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे. उन्हें न्यायालय, जनता और ईश्वर पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्याय और अहंकार के खिलाफ है. उन्होंने विपक्ष के कई नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, संजय सिंह, मनोज झा, जीतन राम मांझी सहित कई राजनीतिक दलों और बिहार की जनता का आभार जताया, जिन्होंने इस कठिन समय में उनका साथ दिया. उन्होंने कहा कि इन सबके समर्थन से उन्हें सच की लड़ाई लड़ने की नई ऊर्जा मिली है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं