बिहार विधान परिषद चुनाव की तैयारियों के बीच जन सुराज ने तीन और उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने नई सूची जारी करते हुए पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज सिंह, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. विमोहन कुमार और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भूषण झा को उम्मीदवार बनाया है. इन नामों के ऐलान के साथ ही जन सुराज अब कुल आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है.
पहले 5 उम्मीदवारों के नाम भी कर चुकी थी जारी
इससे पहले 20 सितंबर को पार्टी ने पांच उम्मीदवारों की घोषणा की थी. जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने प्रेस वार्ता में इन उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था. पार्टी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्या ज्योति, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एसपी राय, दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रवीन्द्र यादव, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आफाक अहमद और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीश रंजन को मैदान में उतारा था.
नई सूची जारी होने के बाद अब पार्टी ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी चुनावी तैयारी को लगभग पूरा कर लिया है. जन सुराज का दावा है कि उसके उम्मीदवार शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे.

जन सुराज ने ये उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है.
शिक्षकों को लेकर प्रशांत किशोर का बड़ा संदेश
इससे पहले उम्मीदवारों के ऐलान के साथ प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि बिहार के शिक्षक लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं. चाहे टीआरई परीक्षा का सवाल हो, वेतनमान की मांग हो या गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की लगातार तैनाती, इन मुद्दों का समाधान जरूरी है.
उन्होंने कहा कि शिक्षक समुदाय अलग-अलग संगठनों में बंटा हुआ है. नियोजित शिक्षक, विद्यालय शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और वित्त रहित शिक्षक अपनी-अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं. ऐसे में सभी शिक्षक संगठनों को एक मंच पर लाकर संघर्ष समिति बनाने की योजना तैयार की गई है.
तीन मांगों को जन सुराज का मुद्दा बनाने का ऐलान
इस चुनवा में प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगों को अपना आंदोलन बनाएगी. इनमें सातवां वेतनमान लागू कराना, वित्त रहित और वित्त पोषित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की श्रेणी में समायोजित करना तथा शिक्षकों से लिए जाने वाले गैर-शैक्षणिक कार्यों के स्पष्ट मानक तय करना शामिल है. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ शिक्षकों की मांगें नहीं बल्कि जन सुराज की मांगें होंगी. पार्टी आने वाले वर्षों में शिक्षकों के साथ मिलकर इन मुद्दों पर संघर्ष करेगी और लोकसभा चुनाव से पहले सरकार पर दबाव बनाकर इन्हें पूरा कराने का प्रयास करेगी.
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