बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा से पहले डिप्टी सीएम का पद लिया गया. वहीं पहले उन्हें भूमि सुधार मंत्री बनाया गया था. लेकिन अब उनका विभाग भी बदल दिया गया है और उन्हें कृषि मंत्री बना दिया गया है. ऐसे में मंत्री विजय सिन्हा का विभाग बदलने के बाद उनका दर्द छलक पड़ा है. बीते सोमवार को राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में आयोजित 'बिहार लीची संगमः बाग से निर्यात तक' कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान खुले मंच पर उन्होंने तंज भरे अंदाज में अपना दर्द व्यक्त किया है.
विजय सिन्हा का छलका दर्द!
जमीन रक्षित रखने का संकल्प हमने छोड़ा नहीं
विजय सिन्हा ने कहा लोगों ने सोचा की राजस्व से हट गए हैं तो राहत मिल गई है. लेकिन हमने साफ तौर पर कहा कि अब विजय सिन्हा नहीं रहा अब विजय बिहारी हो गया है, इसलिए पूरे बिहार की लोगों की चिंता है. इसलिए उनका जमीन रक्षित रखने का संकल्प हमने छोड़ा नहीं है.
सिन्हा के इस बयान के बाद सियासी चर्चा बढ़ गई है. उनका यह बयान उनके पद जाने से जोड़ कर देखा जा रहा है.
बता दें, नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते हुए विजय सिन्हा जनवरी 2024 से अप्रैल 2026 तक उप-मुख्यमंत्री और भूमि सुधार मंत्री के रूप में काम किया था. लेकिन सम्राट चौधरी की सरकार बनने के बाद पहले उनसे उप-मुख्यमंत्री पद से हटाया गया. वहीं भूमि सुधार मंत्री पद भी ले लिया गया और उन्हें कृषि मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई.
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