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गजब टोपीबाज आदमी है...जिस पुलिस ने किया सम्मानित, अब वही कर रही फर्जी UPSC कैंडिडेट की तलाश

UPSC Result Fake Claim 440 Rank: ये पूरा मामला शेखपुरा जिले के माहुली थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव का है. यहां के रहने वाले एक युवक ने पूरे इलाके में बताया कि उसने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली है, जिसके बाद उसे कई लोगों ने सम्मानित भी कर लिया.

गजब टोपीबाज आदमी है...जिस पुलिस ने किया सम्मानित, अब वही कर रही फर्जी UPSC कैंडिडेट की तलाश
UPSC Result Fake Claim 440 Rank: बिहार के युवक ने किया फर्जी दावा

UPSC Result Fake Claim 440 Rank: गजब टोपीबाज आदमी है... ये लाइन आपने कई बार मीम और बाकी जगह जरूर सुनी होगी. ये लाइन आमतौर पर उन लोगों के लिए इस्तेमाल होती है, जो झूठ बोलकर दूसरों को बेवकूफ बनाते हैं. बिहार से भी एक ऐसे ही टोपीबाज का मामला सामने आया है. शेखपुरा के रंजीत कुमार ने दावा किया कि उसने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली है और इसमें उसकी 440 रैंक आई है. पूरे इलाके में ये खबर आग की तरह फैल गई और बधाई देने वालों का तांता लग गया. पूर्व विधायक और पुलिस अधिकारियों ने उसे फूल मालाओं से सम्मानित भी कर दिया, लेकिन जब पता चला कि रंजीत कुमार का दावा फर्जी था तो अब वही पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है. फिलहाल रंजीत फरार है और उसने मोबाइल भी बंद कर लिया है. 

पूर्व विधायक ने भी किया सम्मानित

मामला शेखपुरा जिले के माहुली थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव का है. जहां गांव निवासी अर्जुन यादव का पुत्र रंजीत कुमार ने सभी को बताया कि उसने सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली है. खबर मिलते ही पूर्व विधायक विजय यादव मौके पर पहुंचे और फूल मालाओं से भावी अधिकारी समझ उसका स्वागत करने लगे. इसके बाद स्थानीय थाने के पुलिस अधिकारी ने भी युवक को बुलाकर उसे सम्मानित किया. हालांकि कुछ ही दिन बाद पूर्व विधायक और पुलिस अधिकारियों की किरकिरी हो गई. 

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फरार हो गया रंजीत कुमार

पड़ताल में पता चला कि 440वीं रैंक कर्नाटक के अभ्यर्थी रंजीथ को मिली है और शेखपुरा का रंजीत कुमार फर्जी तरीके से उसे अपना बताकर वाहवाही लूट रहा था. फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद रंजीत कुमार घर छोड़कर फरार हो गया और कहीं उसका अता पता नहीं है. माहुली थाना के SHO ने बताया कि सूचना के आधार पर युवक को थाना बुलाकर सम्मानित भी किया गया था, लेकिन जब मामला संदिग्ध लगा तो उसे प्रवेश पत्र के साथ थाना आने के लिए कहा गया. इसके बाद से उसका मोबाइल बंद है और वह भूमिगत हो गया है.

इसी तरह का एक मामला पहले भी सामने आ चुका है. बिहार में आकांक्षा सिंह नाम की अभ्यर्थी ने भी यूपीएससी में सफलता का दावा किया था, जबकि वास्तविक रूप से गाजीपुर की आकांक्षा सिंह को 301वीं रैंक मिली थी. यूपीएससी ने ऐसे तमाम मामलों पर असली उम्मीदवारों के नाम जारी किए हैं. देशभर के करीब पांच से सात ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें दो लोगों ने एक ही रैंक पर दावा किया. 

(इनपुट - रंजन कुमार)

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