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This Article is From Jul 29, 2017

निचले स्तर पर पहुंचा लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार में वॉर, लालू ने समझाया 'भोग' का मतलब

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान 'सत्ता सेवा के लिए है, भोग और मेवा के लिए नहीं' पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भोग का मतलब नीतीश कुमार से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता.

निचले स्तर पर पहुंचा लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार में वॉर, लालू ने समझाया 'भोग' का मतलब
आरजेडी प्रमुख लालू यादव और परिवार...
  • बिहार में महागठबंधन की सरकार चली गई है.
  • लालू और नीतीश में जारी है जुबानी जंग
  • लालू ने लगातार जेडीयू नेता नीतीश पर हैं आक्रामक
पटना: बिहार में महागठबंधन की सरकार टूट गई और टूट गया लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार में एक दूसरे पर हमले का सिलसिला जारी है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान 'सत्ता सेवा के लिए है, भोग और मेवा के लिए नहीं' पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भोग का मतलब नीतीश कुमार से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता. दो दिन पहले तक बिहार की राजनीति में 'बड़े भाई' और 'छोटे भाई' का रिश्ता निभा रहे दोनों नेता नीतीश कुमार के पाला बदलने से जद (यू), कांग्रेस और राजद का महागठबंधन टूटते ही एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं. 

लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को ट्वीट किया, "हां-हां..भोग का मतलब नीतीश कुमार से ज्यादा कौन समझता है, जिसने विगत 12 साल में छह बार बिहार की सभी पार्टियों के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है."

नीतीश ने विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री और लालू के बेटे तेजस्वी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि सत्ता लोगों की सेवा के लिए होती है न कि मेवा के लिए.  नीतीश ने तेजस्वी की ओर मुखातिब होते हुए कहा, "जनता का वोट काम करने के लिए मिला है. हमारी प्रतिबद्धता है जनता की सेवा और बिहार के विकास के प्रति, किसी एक परिवार की सेवा करने के लिए नहीं है."

VIDEO : सत्ता जाने के बाद लालू यादव का नीतीश पर हमला जारी है


इससे पहले गुरुवार को, लालू ने नीतीश पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया था, "नीतीश कुमार, कफन में जेब नहीं होती, लेकिन कुकर्मो का दाग जरूर होता है. जनता और मालिक सबके सब कर्मो का लेखा-जोखा रखते हैं. धीरज रखिए." रांची में मीडिया से मुखातिब लालू ने कहा था, "नीतीश कहते हैं, कफन में जेब नहीं होती, लेकिन उनके कफन में तो झोला है. वह 302 का मुदालह है, उसके खिलाफ मर्डर का केस है, संज्ञान लिया जा चुका है. इसमेंआजीवन कारावास या फांसी हो सकती है. भ्रष्टाचार से बड़ा होता है अत्याचार..."

 

नीतीश के इस्तीफे के बाद प्रभारी राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने सबसे बड़ी पार्टी राजद को सरकार बनाने का न्योता न देकर जदयू-भाजपा को मौका दिया. इसके खिलाफ लालू ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई सोमवार को होगी. (आईएएनएस की रिपोर्ट पर आधारित)
 
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Lalu Prasad Yadav, Bihar, Nitish Kumar
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