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Bihar Weather Update: बिहार में 'काल बैसाखी' का तांडव, पटना से बांका तक मची भारी तबाही, अगले 96 घंटों के लिए अलर्ट जारी

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अपडेट के अनुसार प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा. 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है.

Bihar Weather Update: बिहार में 'काल बैसाखी' का तांडव, पटना से बांका तक मची भारी तबाही, अगले 96 घंटों के लिए अलर्ट जारी
Bihar weather update
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Bihar Weather: बिहार में  'काल बैसाखी' (Kaal Baisakhi) के चलते मौसम का मिजाज बेहद तूफानी हो गया है. जिसके कराण लोगों का जीवन अस्त व्यस्त होने के साथ साथ जान भी गंवानी पड़ रही है. मई में जहां राज्य में भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर काल वैशाखी (Kal Baisakhi) और वेस्टर्न डिसटरबेंस के गणित से मिलकर बने भीषण तूफान ने राज्य में भारी तबाही मचाई है. पिछले 10 दिनों से जारी आंधी, बारिश और वज्रपात की घटनाओं में अब तक प्रदेश भर में 30 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. पटना मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अपडेट के अनुसार प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा.40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है.

135 KM की रफ्तार से आया तूफान

बीते शुक्रवार को राजधानी पटना समेत कई जिलों में 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए चक्रवाती तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया.  तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए और बिजली के पोल गिर गए. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण बिहार के मौसम में यह अचानक बदलाव आया है. जिसका असर अभी फिलहाल रहने के आसार है.

अगले 4 दिनों ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी

पटना मौसम विज्ञान केंद्र (Mausam Bihar- IMD Patna) के मुताबिक, प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा.  बांका समेत कई जिलों में अगले कुछ घंटों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, मेघ गर्जन और वज्रपात (Lightning) की प्रबल संभावना है. इस दौरान कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) के भी आसार जताए गए हैं.

क्या होती है काल बैसाखी

बिहार में 'काल बैसाखी' (Nor'westers) अप्रैल-मई में आने वाला एक विनाशकारी प्री-मानसून तूफान है, जो तेज हवाओं (60-70 किमी/घंटा), मूसलाधार बारिश और वज्रपात के साथ आता है. हिंदी महीने 'बैशाख' में होने वाली तबाही के कारण इसे 'काल बैसाखी' कहा जाता है. यह छोटानागपुर पठार से उत्पन्न होकर बिहार, बंगाल, ओडिशा में भारी तबाही मचाता है.

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