- भोजपुर जिले में इंटरमीडिएट परीक्षा के बाद छात्रों ने डीजे की धुनों पर नाचकर अपनी खुशी का जश्न मनाया.
- वायरल वीडियो उदवंतनगर का बताया जा रहा है जिसमें छात्र और छात्राएं सड़क पर जमा होकर नृत्य करते दिखे.
- छात्रों ने परीक्षा के तनाव से मुक्ति पाकर पहली बार खुलकर हंसने और मस्ती करने का अवसर प्राप्त किया बताया.
बिहार के भोजपुर में इंटरमीडिएट की परीक्षा संपन्न होते ही परीक्षार्थियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. लंबे समय की कड़ी मेहनत और परीक्षा के मानसिक दबाव से मुक्त होते ही छात्र खुशी से झूम उठे. आरा सहित जिले के विभिन्न केंद्रों के बाहर छात्रों ने डीजे की धुनों पर थिरक कर अपनी सफलता का जश्न मनाया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है. हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि एनडीटीवी नहीं करता है.
वायरल वीडियो उदवंतनगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते ही बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं सड़क पर जमा हो जाते हैं. इसी दौरान डीजे पर भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह का चर्चित गीत ‘लुलिया मांगे' बजता है और छात्र-छात्राएं जोश और उत्साह के साथ नाचने लगते हैं.
आमतौर पर परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र एक-दूसरे को बधाई देते, फोटो खिंचवाते या घर लौटते नजर आते हैं. लेकिन इस बार का नजारा कुछ अलग था. सड़क पर डीजे के साथ नृत्य करते छात्रों को देखकर कई राहगीर भी ठिठक गए. कई छात्रों ने इस पूरे पल को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया, जिसके चलते यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. परीक्षा समाप्त होते ही मिला सुकून इस नृत्य और उत्साह के रूप में सामने आया.
कुछ छात्रों का कहना है कि यह खुशी लंबे समय बाद मिली आजादी का प्रतीक है. एक छात्र ने बताया कि महीनों से मोबाइल और मनोरंजन से दूरी बनी हुई थी. परीक्षा खत्म होने के बाद पहली बार खुलकर हंसने और मस्ती करने का मौका मिला. कई छात्रों ने कहा कि यह पल वे जिंदगी भर याद रखेंगे. वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कई लोग छात्रों के इस उत्साह को सही ठहरा रहे हैं. उनका कहना है कि परीक्षा का दबाव झेलने के बाद खुशी मनाना स्वाभाविक है. कुछ यूजर्स ने छात्रों की ऊर्जा और आत्मविश्वास की तारीफ करते हुए लिखा कि पढ़ाई के बाद थोड़ी मस्ती मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्रों की खुशी समझ में आती है. लेकिन सड़क पर इस तरह भीड़ जुटने से आम लोगों को परेशानी होती है. यह घटना केवल उत्सव नहीं, बल्कि छात्रों की मानसिक स्थिति को भी दर्शाती है. परीक्षा प्रणाली में बढ़ता दबाव छात्रों को मानसिक रूप से थका देता है. इस वायरल वीडियो को लेकर प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, जानकारों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
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