- बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद तस्कर अब महिलाओं का उपयोग कर अवैध शराब तस्करी कर रहे हैं.
- मुजफ्फरपुर के चक्की जमालाबाद गांव से तस्करी में शामिल एक महिला को उत्पाद विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया.
- गिरफ्तार महिला तेतरी देवी के पति मनोज बैठा हाल ही में शराब मामले में जेल से जमानत पर बाहर आए थे.
बिहार में शराबबंदी कानून को चुनौती देने के लिए तस्कर अब ऐसे पैंतरे आजमा रहे हैं, जिनकी कल्पना करना भी मुश्किल है. पुलिस की सख्ती से बचने के लिए तस्करों ने अब अपने 'सिंडिकेट' में महिलाओं को शामिल करना शुरू कर दिया है, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके. तस्करी का ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला मुजफ्फरपुर से सामने आया है, जहां शराब माफियाओं ने महिलाओं को 'कवच' की तरह इस्तेमाल कर अवैध खेप खपाने की कोशिश की.
उत्पाद विभाग की ओर से मोतीपुर थाना क्षेत्र के चक्की जमालाबाद गांव में की गई कारवाई के बाद शराब तस्करी का नया खेल का खुलासा हुआ है. उत्पाद विभाग के कार्रवाई में देसी और विदेशी शराब के साथ मोतीपुर थाना क्षेत्र के चक्की जमालाबाद गांव निवासी मनोज बैठा की पत्नी तेतरी देवी को गिरफ्तार किया गया है. इस केस में हैरान करने वाली बात ये है कि जब पति जेल से बाहर आया तो अब पत्नी जेल जा रही है.
मामले को लेकर उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि मुजफ्फरपुर जिला अधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर उत्पाद विभाग की टीम लगातार शराब और शराब कारोबारी के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है. इसी क्रम में मोतीपुर थाना क्षेत्र के चक्की जमालाबाद गांव निवासी मनोज बैठा की पत्नी तेतरी देवी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से देसी और विदेशी शराब को बरामद किया गया है. वहीं, उनके द्वारा बताया गया कि अभी हाल ही में गिरफ्तार महिला शराब तस्कर के पति जमानत पर शराब मामले में रिहा होकर जेल से बाहर आया है और अब उसकी पत्नी शराब मामले में जेल जा रही है.
बता दें कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी. इस कानून के तहत राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया. शराबबंदी को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस और प्रशासन की पूरी ताकत झोंक दी और कई वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष रूप से इस अभियान की कमान सौंपी गई.
हालांकि, कड़े कानूनों और प्रशासनिक मुस्तैदी के बावजूद जमीनी हकीकत चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. पुलिस द्वारा चलाए जा रहे निरंतर अभियानों और भारी मात्रा में जब्ती के बाद भी शराब की तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. तस्कर अब तकनीक और नए-नए हथकंडों (जैसे एम्बुलेंस, गैस टैंकर या महिलाओं का इस्तेमाल) के जरिए अवैध शराब की खेप खपाने की कोशिश कर रहे हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं