अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो).
- राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा- अटल जी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे
- लालू यादव ने कहा- वाजपेयी के निधन से भारतीय राजनीति में एक युग का अंत
- कांग्रेस ने कहा, पार्टी लाइन से ऊपर देश के प्रति प्रतिबद्ध थे वाजपेयी
पटना:
बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.
राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘अटल जी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे. उनकी विद्वता तथा कवित्वपूर्ण भाषण-शैली में अद्भुत और अद्वितीय सम्मोहन-क्षमता थी.’’
दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के रूप में देश ने सबसे बड़े राजनीतिक शख्सियत के साथ ही प्रखर वक्ता, कवि, लेखक, चिंतक, विचारक और करिश्माई व्यक्तित्व को खो दिया है. उन्होंने अटल जी के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा है कि उन्हें सदैव अटल जी का स्नेह एवं मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा. इस निधन से उन्होंने अपना अभिभावक खो दिया है.
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का निधन स्वाधीनता के बाद के भारतीय राजनीति के आकाश पर उदित सबसे चमकीले नक्षत्र का अवसान है. प्रदेश में सरकार ने सात दिनों के राजकीय शोक एवं 17 अगस्त को एक दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.
बिहार विधानसभा में प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद ने शोक प्रकट करते हुए कहा, ‘‘वाजपेयी के निधन से भारतीय राजनीति में एक युग का अंत हो गया है. मैंने एक मित्र और अभिभावक खो दिया है. आप बहुत याद आएंगे.’’
वाजपेयी के निधन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा, ‘‘अटल जी का व्यक्तित्व बहुत बड़ा था तथा वे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर देश के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व देते थे. देश ने एक बड़ा उदारवादी संविधान व लोकतंत्र में विश्वास करने वाला नेता खोया है.’’ पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर प्रदेश के भाजपा सहित अन्य दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
(इनपुट भाषा से)
राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘अटल जी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे. उनकी विद्वता तथा कवित्वपूर्ण भाषण-शैली में अद्भुत और अद्वितीय सम्मोहन-क्षमता थी.’’
दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के रूप में देश ने सबसे बड़े राजनीतिक शख्सियत के साथ ही प्रखर वक्ता, कवि, लेखक, चिंतक, विचारक और करिश्माई व्यक्तित्व को खो दिया है. उन्होंने अटल जी के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा है कि उन्हें सदैव अटल जी का स्नेह एवं मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा. इस निधन से उन्होंने अपना अभिभावक खो दिया है.
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का निधन स्वाधीनता के बाद के भारतीय राजनीति के आकाश पर उदित सबसे चमकीले नक्षत्र का अवसान है. प्रदेश में सरकार ने सात दिनों के राजकीय शोक एवं 17 अगस्त को एक दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.
बिहार विधानसभा में प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद ने शोक प्रकट करते हुए कहा, ‘‘वाजपेयी के निधन से भारतीय राजनीति में एक युग का अंत हो गया है. मैंने एक मित्र और अभिभावक खो दिया है. आप बहुत याद आएंगे.’’
वाजपेयी के निधन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा, ‘‘अटल जी का व्यक्तित्व बहुत बड़ा था तथा वे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर देश के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व देते थे. देश ने एक बड़ा उदारवादी संविधान व लोकतंत्र में विश्वास करने वाला नेता खोया है.’’ पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर प्रदेश के भाजपा सहित अन्य दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
(इनपुट भाषा से)
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Atal Bihari Vajpayee