बिहार में टेंडर घोटाले मामले में IAS संजीव हंस, रिशु श्री और अन्य अधिकारियों समेत 7 आरोपियों के खिलाफ बुधवार को चार्जशीट दायर दाखिल की गई. स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने फरार IAS संजीव हंस को किसी भी सूरत में गिरफ्तार करने की बात कही. IAS अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर के खिलाफ टेंडर मैनेज करने के सबूत नहीं मिले. हालांकि, दोनों के पैसे लेने के सबूत जरूर मिले हैं. दोनों ने ठेकेदार रिशु श्री से महंगे तोहफे और विदेश टूर के पैसे लिए थे. केस की जांच कर रही स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) के ADG पंकज दराद ने बताया कि ठेकेदार रिशु श्री, IAS संजीव हंस, संतोष कुमार और पवन कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है.
अधिकारियों को 2-3 फीसदी कमीशन देता था रिशु
इसके अलावा टेंडर घोटाले में SVU की चार्जशीट में मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास और उमेश सिंह का भी नाम शामिल है. एसवीयू के बयान के अनुसार, जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, सरकारी गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है. रिशु श्री सरकारी विभागों में निविदा और बिल भुगतान के बदले अधिकारियों को 2 से 3.5 प्रतिशत तक कमीशन देता था. जांच के दौरान पता चला कि संजीव हंस के जल संसाधन विभाग में सचिव रहने के दौरान कोसी बेसिन विकास परियोजना से जुड़े कार्यों में अनियमितताएं हुईं और रिशु श्री की कंपनियों से कमीशन लेने के साक्ष्य मिले हैं.
अपने प्रभाव के दम रिशु श्री ने लिया टेंडर
विजिलेंस यूनिट ने बताया कि हमारी जांच में गवाहों के बयान लिए गए. सहरसा और सीतामढ़ी सहित कई जगहों पर हमारी टीम गई. कोशी बराज में फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का टेंडर रिशु श्री ने अपने प्रभाव से पहले अहमदाबाद की कंपनी को दिलाया था. बाद में पवन कुमार के डायरेक्टर शिप वाली खुद की कंपनी को काम दिलाया. इस काम के लिए पहले 69 करोड़ की राशि का टेंडर निकला था. बाद में इसी काम का दूसरा टेंडर निकला, इसकी राशि बढ़ कर 98 करोड़ हो गई.
7-8 साल में धनकुबेर बन गया ठेकेदार रिशु श्री
जानकारी के मुताबिक, ठेकेदार रिशुश्री 7-8 सालों में ही धनवान बन गया. अवैध कमाई से रिशु श्री ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पटना और बिहार के विभिन्न स्थानों पर बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की. एसवीयू ने बताया कि छापेमारी में उसके ठिकानों से 53.5 लाख रुपये नकद, 2.13 करोड़ रुपये के आभूषण, करीब 58.58 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े दस्तावेज और कई महंगे वाहन बरामद किए गए थे. विजिलेंस यूनिट के अनुसार, सहरसा में रिशुश्री ने काफी टेंडर मैनेज किया था. इसके सबूत मिले हैं.
ADG के अनुसार भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता रहे तारिणी दास ने 10 टेंडर दिलवाया था. ADG ने स्पष्ट कर दिया है कि इन सभी 7 आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत हैं. इसी आधार पर आज चार्जशीट दाखिल किया गया है. एसवीयू के अनुसार यह आरोप भी है कि विभिन्न विभागों में निविदा दिलाने के लिए रिश्वत का नेटवर्क संचालित किया गया। इसी मामले में एसवीयू ने सातों आरोपियों के खिलाफ 23 जून को आरोपपत्र दाखिल किया.

IAS अभिलाषा शर्मा-योगेश कुमार से होगी पूछताछ
टेंडर घोटाले में विजिलेंस यूनिट की टीम IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर से पूछताछ होगी. दो बार नोटिस दिया गया है. इनके खिलाफ टेंडर मैनेज करने के सबूत नहीं मिले हैं. पैसे लेने के सबूत मिले हैं. स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने कहा कि IAS संजीव हंस और पवन की गिरफ्तारी होगी, ये दोनों फरार हैं. IAS अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को रिशु ने विदेश यात्रा पर भेजा था. यह बात सही है. पूछताछ में रिशु ने बताया था कि अभिलाषा बहुत अच्छा ज्योतिष जानती हैं. उनका हाथ देखी थी. कुछ पूजा पाठ बताई थी. इनके बीच रुपयों के लेनदेन का सबूत है.
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