- बिहार में पहली बार भाजपा के सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने और जदयू को पहली बार उपमुख्यमंत्री का पद मिला है.
- सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर राजद से शुरू हुआ था, वे पहले राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री रह चुके हैं.
- विजेंद्र प्रसाद यादव ने जनता दल से राजनीति शुरू की और बाद में जदयू में शामिल होकर ऊर्जा मंत्री बनाए गए.
बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण हो गया. राज्य में पहली बार भाजपा मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हुई तो पहली बार ही जदयू के हिस्से डिप्टी सीएम का पद आया. सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री तो जदयू के दो वरिष्ठ नेता विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी डिप्टी सीएम बने. सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही उनके राजद से संबंध, उनके पुराने बयान सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं. यह बताने की कोशिश की जा रही है कि सम्राट चौधरी मूल भाजपाई नहीं हैं. लालू प्रसाद यादव की पार्टी से उन्होंने राजनीति सीखी है.
अब दिलचस्प बात यह है कि सरकार के तीनों चेहरों के संबंध लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस से रहे हैं. सम्राट चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव राबड़ी - लालू सरकार में मंत्री रहे हैं तो विजय चौधरी कांग्रेस से जदयू में आए. सम्राट चौधरी विधायक बनने से पहले ही राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री बन गए थे. वे 1999 से 2013 तक राष्ट्रीय जनता दल में रहे. परबत्ता से विधायक रहे. 2010 में जब राजद को सिर्फ 22 सीटें आई थी, तब सम्राट चौधरी को ही मुख्य सचेतक बनाया था. इसी दौरान उन्होंने पार्टी तोड़ दी और 4 विधायकों के साथ अलग गुट बना लिया. फिर वे जदयू में शामिल हो गए. हालांकि जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद से हटाने के दौरान वे मांझी के साथ आ गए. बाद में 2018 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की. तब से वे भाजपा में हैं.
विजेंद्र प्रसाद ने राजनीतिक पारी की शुरुआत जनता दल से की थी?
डिप्टी सीएम विजेंद्र प्रसाद यादव ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत जनता दल से की थी. 1990 में वे विधायक बने. 1991 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने उन्हें ऊर्जा मंत्री बनाया. अभी भी वे ऊर्जा मंत्री थे. विजेंद्र प्रसाद यादव शरद यादव के करीबी नेताओं में रहे. नीतीश कुमार ने जब समता पार्टी बनाई तब भी वे जनता दल में ही थे. बाद में शरद यादव ने जनता दल के अपने गुट और समता पार्टी को मिलाकर 30 अक्टूबर 2003 को जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU का गठन किया था. उसके बाद से वे नीतीश कुमार के साथ हैं.
पहले कांग्रेस में थे विजय चौधरी?
दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने अपनी राजनीतिक पारी कांग्रेस से शुरू की थी. उनके पिता जगदीश प्रसाद चौधरी कांग्रेस के दिग्गज नेता थे. दलसिंहसराय से विधायक थे. उनके निधन के बाद विजय चौधरी बैंक की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए और कांग्रेस की टिकट पर पहली बार चुनाव लड़ा. वे कांग्रेस के टिकट पर 5 बार चुनाव लड़े, 3 जीते. कांग्रेस ने उन्हें उपमुख्य सचेतक भी बनाया था. 2005 में वे जदयू में शामिल हो गए. उसके बाद से जदयू में ही हैं. दोनों उपमुख्यमंत्री की गिनती नीतीश कुमार के विश्वस्त नेताओं में होती है. नीतीश कुमार ने दोनों को महत्वपूर्व विभागों की जिम्मेदारी दी थी.
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