पटना: दुलारचंद हत्याकांड में चार महीने से बेउर जेल में बंद मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह जेल से रिहा हो गए हैं. हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोमवार को अनंत सिंह जेल से बाहर आए. इसके बाद मंगलवार (24 मार्च, 2026) को सुबह लगभग 9 बजे पटना स्थित आवास से बाढ़ और मोकामा विधानसभा के लिए निकले, इस दौरान अनंत सिंह ने बाढ़ और मोकामा विधानसभा में लगभग 50 किलोमीटर का रोड शो किया. समर्थकों ने बाढ़ विधानसभा के सबनीमा गांव से उनका स्वागत शुरू किया, जिसके बाद अथमलगोला, अचुआरा, दाहौर, जलगोविंद समेत विभिन्न गांव में उनका भव्य स्वागत किया गया. लगभग 50 गाड़ियों के काफिले के साथ अनंत सिंह बाढ़ शहर स्थित भुवनेश्वरी चौक पहुंचे. जहां से वह लदमा गांव पहुंचे और ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों और फूल मालाओं से उनका स्वागत किया.
शिव मंदिर बनाने की कही बात
अनंत सिंह समर्थकों के साथ लदमा गांव की कुल देवी मां ब्रह्माम्णी स्थान पहुंचे, जहां मंदिर के बाहर से ही उन्होंने माता का आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान मंदिर के पुजारी ने उनसे मंदिर परिसर में शिव मंदिर निर्माण की मांग की. जिसपर उन्होंने अगले मंगलवार को मंदिर का दौरा करने का आश्वासन दिया और शिव मंदिर निर्माण की बात कही. लगभग दस मिनट रुकने के बाद उनका काफिला गुलाबबाग होते हुए मोकामा के लिए निकला, जहां पंडारक में 50 हजार का इनामी भोला सिंह के भाई मुकेश सिंह के नेतृत्व में उनका भव्य स्वागत किया गया.
इस दौरान वह पंडारक के द्वापरयुगीन पुण्यार्क सूर्य मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की. लोग एनएच किनारे के हर गांव में सैकड़ों की संख्या में उनका इंतजार कर रहे थे, जबकि आज चैती छठ के संध्या अर्घ्य भी था. इसके बावजूद लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे थे कि अनंत सिंह से मिलकर ही गंगा तट पर जाकर भगवान सूर्य को जल अर्पण करेंगे. मोकामा नगर परिषद पहुंचते ही अनंत सिंह ने सबसे पहले भगवान परशुराम की पूजा अर्चना कर आरती की. मोकामा बाजार में उनका कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया. अनंत सिंह मोकामा बाजार में लगभग 100 मीटर तक पैदल चले और सूरजभान सिंह के घर के सामने से निकले तो उनके समर्थकों ने अनंत सिंह जिंदाबाद की जमकर नारेबाजी की.
अनंत सिंह का दिखा पुराना अंदाज
हाथीडा में भी लोगों ने ढोल बाजे फूल मालाओं से अनंत सिंह सिंह का जोरदार स्वागत किया. हाथीडा में दौरान अनंत सिंह ने हाथीडा में कहा कि जनता का एको गो काम नहीं छोडेंगे. सब कर देंगे, कुछो नहीं बचेगा. कटनी यानी फसल कटाई समाप्त होने के बाद से ही वह हर गांव ही नहीं, बल्कि हर घर जाएंगे और जनता का एक भी काम ऐसा नहीं होगा, जिसे वह छोड़ देंगे. हर काम जनता का होगा. अनंत सिंह जिस अंदाज के लिए मशहूर हैं, उसी अंदाज में बातें की. इस दौरान उनका काफिला विधानसभा क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर पहुंचा, जहां मणि पहलवान के नेतृत्व में समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया. नौरंगा जलालपुर में अनंत सिंह का काफिला कुछ समय के लिए रुका. इस दौरान पुलिस भी एक्टिव रही.
दरअसल हाल ही में उसी गांव के सोनू मोनू गिरोह ने वीडियो काॅलिंग में एक व्यक्ति से बातचीत करते हुए अनंत सिंह को खुली चुनौती दी थी. कुछ समय रुकने के बाद उनका काफिला बड़हिया स्थित मां बाला त्रिपुर सुंदरी के दरबार में जाकर पूजा अर्चना करने के बाद समाप्त हुई. बड़हिया में पूजा अर्चना करने के बाद वह रामपुर डुमरा गांव पहुंचे. जहां भोज का प्रबंध किया गया था. भोजन करने के बाद वह समर्थकों के साथ वापस अपने आवास के लिए रवाना हो गए. विवेका पहलवान के भाई सदानंद सिंह ने कहा कि वह परिवार है और उनसे बड़े हैं, उनका आशीर्वाद अनंत सिंह के साथ है. उनके राजनीती से संन्यास लेने पर उन्हे कोई हैरानी नहीं हुई. वह पहले से यह बात सुन रहे थे.
अनंत सिंह का निर्णय सही है, यह खुद अपने बेटे अभिषेक के साथ रहकर जनता से जोड़ देंगे, भगवान उन्हें खुश रखें. वहीं लदमा गांव निवासी उनके करीबी रहे हरी पहलवान ने कहा कि चार महीना चार साल के बराबर लग रहा था. हम लोगों के भगवान आ रहे हैं. उनके जो भी हैं, वही हैं. उनका उम्र हो गया. अब बच्चों को आगे आना चाहिए, उनके लिए सौभाग्य की बात है कि अनंत सिंह के साथ रहे, अब उनके बेटे के साथ चलेंगे.
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