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ब‍िहार सरकार ल‍िखी स्‍कॉर्प‍ियो में स्‍मैक की तस्‍करी, मधेपुरा पहुंचाई जा रही थी खेप 

Smack Smuggling: ब‍िहार में स्‍मैक तस्‍कर ने गाड़ी में स‍िव‍िल सर्जन और ब‍िहार सरकार ल‍िखा नेप प्‍लेट लगाया था, ज‍िससे पुल‍िस को शक न हो और वो आसानी से तस्‍करी कर सकें. 

ब‍िहार सरकार ल‍िखी स्‍कॉर्प‍ियो में स्‍मैक की तस्‍करी, मधेपुरा पहुंचाई जा रही थी खेप 
स्कॉर्पियो में स्मैक तस्करी की जा रही थी. इसमें सिविल सर्जन मधेपुरा और बिहार सरकार लिखा नेम प्लेट लगा है. पुलिस ने इसे जब्त कर लिया. (Photo- NDTV)

Bihar Smack Smuggling: बिहार के पूर्णिया में मंगलवार को स्कार्पियो से 800 ग्राम स्मैक की बरामद हुई, ज‍िसकी कीमत करीब 12 से 15 लाख रुपये बताई जाती है. गाड़ी में सिविल सर्जन मधेपुरा बिहार सरकार लिखा नेम प्लेट लगा था. स्मैक पूर्वोत्तर राज्यों से आता है, और पूर्णिया के रास्ते ही बिहार और उत्तर प्रदेश में स्मैक की तस्‍करी होती है. पूर्णिया नशे के सौदागरों के लिए गोल्डन-गेट के रूप में तब्दील हो चुका है. 

तस्करी की मिली थी सूचना

सदर एसडीपीओ-1 अभिनव पराशर ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के कलियाचक से स्मैक की बड़ी खेप पूर्णिया से गुजरने वाली है. सदर थाना क्षेत्र के शीशा बाड़ी में चेकिंग अभियान चलाया गया. जब सफेद स्कार्पियो को रुकने का इशारा किया गया तो ड्राइवर सर्विस रोड से भगाने का प्रयास करने लगा. पुल‍िस ने ड्राइवर और एक अन्य तस्कर को गिरफ्तार कर ल‍िया. दूसरा तस्कर फरार हो गया. गिरफ्तार दोनों व्यक्ति मधेपुरा जिले के हैं.

सिविल सर्जन का प्लेट लगा था  

पकड़ी गई स्‍कॉर्प‍ियो (BR 43PA 1187) में बिहार सरकार, स्वास्थ्य विभाग, सिविल सर्जन ,मधेपुरा लिखा हुआ था. पुलिस जांच में सामने आया क‍ि इस नंबर का वाहन सिविल सर्जन मधेपुरा इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. एसडीपीओ के अनुसार, इस बात की जांच की जा रही है कि क्या पूर्व में कभी इस वाहन का इस्तेमाल मधेपुरा स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा था या नहीं ? 

पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया. (Photo- NDTV)

कीमत 12-15 लाख रुपये

जब्त वाहन से 800 ग्राम स्मैक बरामद हुआ है. इसकी कीमत 12-15 लाख रुपये है. खुदरा बाजार में यह प्रति किलो लगभग दोगुने दाम में बिकता है. गिरफ्तार दोनों तस्कर की उम्र भी 22-25 वर्ष बताई जाती है. पुलिस तस्करों के जब्त मोबाइल से इनके बैकवर्ड और फारवर्ड लिंकेज को खंगालने की कोशिश कर रही है.

कलियाचक है स्मैक का ट्रांजिट-पॉइंट

स्मैक अफीम से तैयार होता है, जिसकी खेती चोरी-छिपे पूर्वोत्तर राज्यों और म्यांमार में होती है. इस सूखा नशा का ट्रांजिट पॉइंट पश्चिम बंगाल का कलियाचक है, जहां पूर्वोत्तर के राज्यों से स्मैक आता है, और यहां से देश के अन्य हिस्से में भेजा जाता है. दोनों गिरफ्तार तस्कर ने स्वीकार किया है कि स्मैक की यह खेप भी कलियाचक से ही लाया गया था और मधेपुरा ले जाया जा रहा.

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