बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बिहार के 551 विद्यालय का सिर्फ नाम ही नहीं बदला बल्कि उसका रंग भी बदल कर केसरिया कर दिया है. जिस पर अब सियासत तेज हो गई है. सरकार के इस फैसले से विपक्ष ही नहीं बीजेपी के मुख्य सहयोगी दल जेडीयू नें भी आपत्ति दर्ज कराया है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बेगूसराय मे अपने एक कार्यक्रम के दौरान स्कूलों के बदले रंग और बदले नाम का उद्घाटन किया था. इसकी जानकारी भी उन्होंने अपने ट्यूटर पर दिया था तब से इसको लेकर घमासान मचा हुआ है.
बिहार सरकार ने राज्य के सभी 551 मॉडल स्कूलों को केसरिया रंग में रंगने के फैसले से संबंधित पत्र पहले ही स्कूलों को निर्गत कर दिया था. जिसके बाद रविवार को मुख्यमंत्री नें स्वयं बेगूसराय से बदले नाम और बदले नाम वाले बी पी स्कूल से इसकी शुरुआत की थी. इसको लेकर न सिर्फ विपक्ष, बल्कि बीजेपी की मुख्य सहयोगी पार्टी जदयू ने भी सवाल उठाया हैं.
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टीचर-बच्चे क्या कह रहे हैं?
सरकार ने मॉडल स्कूलों का नाम बदलकर 'सरस्वती विद्या निकेतन कर दिया गया है और इन स्कूलों का रंग भी ऑरेंज कर दिया गया. वहीं बी.पी.इण्टर विद्यालय की प्राचार्य कामिनी कुमारी ने बताया कि विद्यालय का तीन कलर चेंज हुआ जब से हम ज्वाइन किए हैं. लेकिन पिछले 10 वर्षों में, पहले से विद्यालय का कलर रेड-मरून और मिंट ग्रीन कलर का बॉर्डर था. लेकिन 2 माह पूर्व विभाग से पत्र निर्गत किया गया जिसमें कालर कोड वहां से आया, 0526 सनराइज कलर से प्रत्येक मॉडल स्कूल को फिर से कलर किया जाए.
कामिनी कहती हैं, "गोल्ड ब्राउन रंग से दरवाजा करवाया जाए. तो उनके आदेश और उनके चिट्ठी के आधार पर, हमने सारे मॉडल स्कूल के हेडमास्टर लोग इसको चेंज करवाए. पिछले दो महीना से काम चल रहा था, क्योंकि हमारा बिल्डिंग बहुत बड़ा है. छोटा तो है नहीं, चार अलग-अलग बिल्डिंग्स हैं. तो हमें दो महीना से काम चल रहा था. और बाहर हम लोग करवाए, अंदर सारा वाइट है,क्योंकि बच्चों को पर्याप्त लाइट की आवश्यकता है. उसको बिल्कुल रोशनी में क्लास होना चाहिए, इस वजह से प्रत्येक क्लास हमारा वाइट है. और मेरा बाहर का जो है कलर, वो सनराइज कलर. प्रत्येक मॉडल स्कूल का यही चिट्ठी गया है और सभी लोगों को यही करना है. और जो लोग नहीं करवाए हैं, उन्हें भी यही करना है. हम लोग तो बहुत स्कूल करवा चुके हैं."
वही विद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों ने बताया कि कल हमारे स्कूल में माननीय मुख्यमंत्री जी आए थे जो मॉडल स्कूल का उद्घाटन किए और इससे हम सारे मॉडल स्कूल के बच्चे हैं. पहले हमारे विद्यालय का रंग लाल था, जो कलर होकर ऑरेंज हो गया है. तीन-चार दिन पहले से तैयारी होना शुरू हुई थी और हो गई है, हमारे स्कूल में सारी तैयारी पूरी हो गई है.
जेडीयू-आरजेडी ने उठाए सवाल
वहीं विपक्ष और राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने इस फैसले को गलत फैसला बताया है और साथ ही साथ कहा है कि इसे तुरंत निरस्त करना चाहिए सरकार अब शिक्षा के मामले में भी राजनीति कर रही है.
जबकि इस फैसले को लेकर बिहार सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर ने एनडीटीवी से बात करते हुए बताया है कि रंग से शिक्षा को नहीं जोड़ना चाहिए शिक्षा का कोई रंग नहीं होता.
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