- बिहार CM नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर प्रदेश और देशवासियों को बधाई देते हुए गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया.
- नीतीश कुमार ने बिहारवासियों से एकता, भाईचारे, सामाजिक समरसता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया है.
- बिहार दिवस हर वर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है, जो बिहार राज्य के गठन का प्रतीक है और 1912 में बना था.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर प्रदेश एवं देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और वर्तमान में अपने निश्चय से बिहार का गौरवशाली भविष्य तैयार कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि बिहारवासी आपसी एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता एवं सद्भाव बनाए रखते हुए बिहार के गौरव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे. बिहार दिवस पर बिहारवासियों को सीएम नीतीश की यह बधाई बतौर मुख्यमंत्री आखिरी बधाई है, क्योंकि सीएम नीतीश ने कुछ दिनों पहले ही राज्यसभा जाने का ऐलान किया था. वो राज्यसभा चुनाव जीत भी चुके हैं. ऐसे में कुछ दिनों बाद में बिहार में नीतीश कुमार की जगह पर कोई और मुख्यमंत्री होगा.
22 मार्च 1912 को बंगाल से अलग राज्य बना था बिहार
सीएम नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार के संकल्प को पूरा करने हेतु समस्त बिहारवासियों का आह्वान किया. बता दें कि बिहार दिवस प्रत्येक साल 22 मार्च को मनाया जाता है, जो बिहार राज्य के गठन का प्रतीक है. 22 मार्च 1912 को, बंगाल प्रांत के बिहार और उड़ीसा डिवीजनों को अलग करके ब्रिटिश भारत में बिहार और उड़ीसा प्रांत बनाया गया था.
बिहार दिवस के मौके पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. 'उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार' थीम के अंतर्गत कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इसके लिए समाज कल्याण विभाग की तरफ से महिला एवं बाल विकास निगम को नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है.
गांधी मैदान में आयोजित होगा कार्यक्रम
गांधी मैदान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाली विभिन्न इकाइयों की तरफ से उनकी योजनाओं, उपलब्धियों एवं सेवाओं के प्रदर्शन के लिए थीम-आधारित पवेलियन और स्टॉल स्थापित किए गए हैं. इन स्टॉलों के जरिए आमजन को राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी.
22-26 मार्च तक प्रेमचंद रंगशाला में होंगे कई कार्यक्रम
इसके अलावा, विभाग के पवेलियन में इस बार राज्य की पारंपरिक कलाओं, जैसे लहठी एवं सुजनी का प्रदर्शन किया जाएगा. साथ ही, महिला उद्यमियों के उत्पादों के प्रदर्शन-सह-विपणन के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा, जीविका पवेलियन भी लगाया जाएगा. 22 से 26 मार्च तक प्रेमचंद रंगशाला में आयोजित 'महिला नाट्य उत्सव' हमारी आधी आबादी की रचनात्मक शक्ति और उनके संघर्षों की कहानियों को समर्पित होगा.
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