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This Article is From Sep 02, 2025

बिहार में महिलाओं को मिलेगी 10 हजार रुपये तक की सहायता राशि... बस मानने होंगे ये नियम

इस योजना के लिए सिर्फ वही महिलाएं पात्र होंगी जो जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होंगी. जीविका के स्वयं सहायता समूह में 12 से 15 महिलाएं होती हैं. इस समूह से वही महिलाएं जुड़ सकती हैं जो आयकरदाता न हों, पति भी आयकरदाता नहीं होने चाहिए.

बिहार में महिलाओं को मिलेगी 10 हजार रुपये तक की सहायता राशि... बस मानने होंगे ये नियम
(फाइल फोटो)
  • बिहार सरकार ने महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपए की प्रारंभिक सहायता देने का निर्णय लिया
  • इस योजना के लिए बिहार कैबिनेट ने बीस हजार करोड़ रुपए की धनराशि को मंजूरी दी है
  • योजना का लाभ केवल जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं उठा सकेंगी
पटना:

बिहार में चुनाव से पहले महिलाओं को रिझाने के लिए सरकार ने बड़ा दांव खेला है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपए शुरुआती सहायता दी जाएगी. इस योजना के लिए मंगलवार को बिहार कैबिनेट ने 20 हजार करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की. चुनाव से पहले इस योजना को गेम चेंजर माना जा रहा है. यह राशि कैसे मिलेगी? किन महिलाओं को मिलेगी? जानें. 

इस योजना के लिए सिर्फ वही महिलाएं पात्र होंगी जो जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होंगी. जीविका के स्वयं सहायता समूह में 12 से 15 महिलाएं होती हैं. इस समूह से वही महिलाएं जुड़ सकती हैं जो आयकरदाता न हों, पति भी आयकरदाता नहीं होने चाहिए. महिला या उनके पति सरकारी नौकरी में नहीं होने चाहिए. सरकारी कार्यालयों में संविदा पर रहने पर भी वे इस समूह से नहीं जुड़ पाएंगी. बिहार में फिलहाल 1 करोड़ 40 लाख महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं. स्वयं सहायता समूह में जोड़ने के लिए भी महिलाओं के आवेदन मांगे गए हैं. यह आवेदन किसी भी नजदीकी ग्राम संगठन को दिए जा सकते हैं. 

सहायता राशि के लिए क्या करना होगा?

  • महिलाओं को आवेदन करना होगा.
  • आवेदन करने वाली महिला का बैंक अकाउंट होना जरूरी है.
  • यह अकाउंट आधार से लिंक होना चाहिए.

इस आवेदन में उन्हें बताना होगा कि वे किस तरह का रोजगार करना चाहती हैं. उन्हें यह आश्वासन देना होगा कि इस राशि का उपयोग सिर्फ रोजगार के लिए करेंगी. इस आवेदन को जीविका के ग्राम संगठन की बैठक में रखा जाएगा. ग्राम संगठन इन्हीं स्वयं सहायता समूह से मिलकर बनता है. एक ग्राम संगठन में 20 स्वयं सहायता समूह होते हैं. ग्राम संगठन आवेदन की जांच कर उसे अप्रूव करेगा. जिन्हें ग्राम संगठन अप्रूव नहीं करेगा, उन्हें यह राशि नहीं मिलेगी. ग्राम संगठन महिला के आवेदन के चयन या अस्वीकृत होने का कारण भी बताएंगे. ग्राम संगठन इस बात की मॉनिटरिंग भी करेंगे कि महिलाओं ने कौन सा रोजगार शुरू किया है. महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

17 तरीके के व्यवसाय करने के लिए मिलेगी राशि

डेरी प्रोडक्ट की दुकान, फल सब्जी की दुकान, किराना दुकान, प्लास्टिक सामान व बर्तन की दुकान, खिलौना की दुकान, ऑटोमोबाइल रिपेयर करने की दुकान, मोबाइल रिपेयर की दुकान, स्टेशनरी की दुकान, खाद्य सामग्री की दुकान, ब्यूटी पार्लर, कपड़े की दुकान या सिलाई की दुकान, ई रिक्शा या ऑटो रिक्शा, बकरी पालन, मुर्गी पालन, गौ पालन आदि व्यवसाय के लिए सरकार की ओर से महिलाओं को राशि भी मिलेगी.

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