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भूमिहार बनाम भूमिहार ब्राह्मण; बिहार विधानसभा में आरक्षण पर बवाल, सत्ता पक्ष ने ही सरकार को घेरा

बिहार विधानसभा में भूमिहार ब्राह्मण लिखने की मांग और अनुसूचित जाति आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार को घेरा. सदन में जमकर बहस और हंगामा हुआ.

भूमिहार बनाम भूमिहार ब्राह्मण; बिहार विधानसभा में आरक्षण पर बवाल, सत्ता पक्ष ने ही सरकार को घेरा
Bihar Assembly: भूमिहार ब्राह्मण और SC आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष ने ही सरकार को घेरा
पटना:

Bihar Assembly: बिहार विधानसभा में गुरुवार को जातीय पहचान और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर जमकर हंगामा देखने को मिला. खास बात यह रही कि विपक्ष के बजाय सत्ता पक्ष के विधायकों ने ही अपनी सरकार को कई सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया. भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने सरकारी दस्तावेजों और जनगणना में भूमिहार की जगह "भूमिहार ब्राह्मण" दर्ज किए जाने की मांग उठाई, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले विधायकों ने सरकारी भर्तियों में आरक्षण के सही अनुपालन का मुद्दा जोरदार तरीके से सदन में रखा. इन दोनों विषयों पर सरकार की ओर से जवाब दिए जाने के बाद सदन का माहौल गर्म हो गया और सत्ता पक्ष के कई विधायक अपनी ही सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करते नजर आए.

भूमिहार ब्राह्मण लिखने की मांग पर गरमाया सदन

जाले से भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए मांग उठाई कि सरकारी अभिलेखों और जनगणना में केवल "भूमिहार" के बजाय "भूमिहार ब्राह्मण" लिखा जाए. इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि भूमिहार के साथ ब्राह्मण जोड़ने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार के समक्ष इस संबंध में कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है. मंत्री के इस जवाब से सत्ता पक्ष के भूमिहार समाज से जुड़े विधायक संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने सदन में विरोध दर्ज कराया.

Bihar Assembly: भूमिहार... ब्राह्मण और आरक्षण पर सदन में मचा हंगामा

Bihar Assembly: भूमिहार... ब्राह्मण और आरक्षण पर सदन में मचा हंगामा

भूमिहार को ट्राइब में शामिल करने की मांग

बहस के दौरान तरारी से भाजपा विधायक विशाल प्रशांत ने एक कदम आगे बढ़ते हुए भूमिहार समाज को ट्राइब (जनजाति) श्रेणी में शामिल करने की मांग उठाई. उनकी इस मांग के बाद सदन में कुछ देर के लिए शोर-शराबे की स्थिति बन गई. कई विधायकों ने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की.

अनुसूचित जाति आरक्षण का मुद्दा भी उठा

इसी दौरान विभिन्न सरकारी भर्तियों में अनुसूचित जाति वर्ग को आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिलने का मुद्दा भी विधानसभा में गूंजा. विधायक मनीष कुमार ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से कहा कि कई नियुक्तियों में अनुसूचित जाति वर्ग को नियमानुसार आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ता है.

सरकार ने नियमों के अनुसार आरक्षण की बात कही

मनीष कुमार के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य सरकार आरक्षण संबंधी नियमावली के अनुसार कार्य करती है. उन्होंने बताया कि कुल स्वीकृत पदों के आधार पर आरक्षण का निर्धारण किया जाता है और उसी के अनुसार नियुक्तियां होती हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर विचार करेगी.

SC विधायकों ने किया तत्काल कार्रवाई का आग्रह

मंत्री के जवाब के बाद भी अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े सत्ता पक्ष के कई विधायक संतुष्ट नहीं दिखे. वे अपनी सीटों पर खड़े होकर सरकार से जल्द निर्णय लेने और व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग करते रहे. कुछ विधायकों ने कहा कि यदि कहीं आरक्षण के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है तो सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए.

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