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मां के फैसले से जज हो गए हैरान, बेटे के हत्यारे पिता को सजा दिलाने के लिए लड़ी 7 साल लंबी लड़ाई

अब इस फैसले की इसलिए चर्चा है, क्योंकि जब कोई आदमी मुकदमे में फंसता है तो उसके परिवार के लोग उसको बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देते हैं. पर यहां कुछ अलग था. खुद जज ने ने भी कहा कि यह विचित्र मामला है.

मां के फैसले से जज हो गए हैरान, बेटे के हत्यारे पिता को सजा दिलाने के लिए लड़ी 7 साल लंबी लड़ाई
बेटे के हत्यारे 'पिता' को सजा दिलाने के लिए लड़ी 7 साल लंबी लड़ाई

बिहार के बेगूसराय में बुधवार को कोर्ट का एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसकी चर्चा न सिर्फ आम लोगों में हो रही है, बल्कि खुद न्यायपालिका भी है. पत्नी ने न्याय का साथ देते हुए अपने ही पति के खिलाफ खड़े होकर उसे सजा दिलाने के लिए पूरे सात साल तक मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ी और सजा दिलवाकर ही दम लिया. इसके लिए उसे 7 साल तक कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ना पड़ा. कोर्ट ने उसके दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जुर्माने की राशि नहीं देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी. कोर्ट ने मृतक की पत्नी को लोक अदालत के जरिए उचित मुआवजा दिलवाया जाने को कहा है. जज ने अपने फैसले में कहा कि यह विचित्र मामला है, जिसमें कि अभियुक्त को बचाने के बजाय परिवार के लोगों ने निष्पक्ष होकर गवाही दिया.

7 साल पहले बेटे की पिता ने की थी हत्या

दरअसल तेघरा थाना क्षेत्र के पिढ़ौली गावं में 9 जून 2019 को एक पिता ने बेरहमी से अपने ही बेटे की गला रेतकर हत्या सिर्फ इसलिए कर दी, क्योंकि बेटा पिता को शराब पीने और शराब के लिए संपत्ति बेचने से रोकता था. इस जघन्य अपराध ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इसे अन्य आपराधिक मामलों से अलग माना. बुधवार को सुनाए गए फैसले में कोर्ट ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इस दौरान सबसे अहम भूमिका निभाई आरोपी की पत्नी, जिसने हर परिस्थिति में न्याय का साथ दिया और सच्चाई को सामने लाने में अहम योगदान दिया.

जमीन बेचने से मना करने पर हुआ था मर्डर

जानकारी के मुताबिक, पिता सुधीर कुमार पर अपने ही बेटे अलोक कुमार की हत्या का आरोप लगा था. इस मामले में आभा देवी ने अपने ससुर सुधीर कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. आरोप है कि उसने जमीन बेचकर शराब पीना शुरू किया, जिस पर सुधीर के पुत्र आलोक कुमार उर्फ सचिन और परिवार के अन्य सदस्यों ने जमीन बिक्री से मना कर दिया. इसी बात से नाराज होकर आरोपी सुधीर कुमार ने बेटे की निर्मम हत्या गला रेत कर हत्या कर दी. यह घटना उस समय हुई, जब आलोक कुमार उर्फ सचिन भुजा खा रहा था. लोक अभियोजक संतोष कुमार के अनुसार, मृतक की पत्नी आभा कुमारी का कहना था कि ससुर सुधीर कुमार ताड़ी-दारू पीते थे और पीकर के जमीन बेचते थे.

फैसले में जज ने कहा- यह विचित्र मामला

इस बात पर उनके परिवार के लोगों ने मना किया और खरीदार को भी जाकर कहा कि आप यह जमीन इनसे मत लिखाइए. इसी के बाद 9 जून को जब आलोक कुमार उर्फ सचिन भूंजा खा रहा था. इसी दौरान सुधीर कुमार ने गला काटकर हत्या कर दी. सबसे आश्चर्यजनक विषय यह रहा कि इस हत्या में मृतक की मां नूतन देवी ने भी साक्ष्य दिया और अपने पति पर आरोप लगाया कि मेरे पति ने ही हत्या किया है. मृतक की पत्नी आभा कुमारी ने भी कहा कि सुधीर ने ही अपने पुत्र की गला काटकर हत्या किया. मृतक के संगे भाई और पड़ोसी ने भी आरोप लगाया कि सुधीर ने ही अपने पुत्र की हत्या किया है. अब कोर्ट ने सभी गवाहों के बयान को सुनने के बाद दोषी सुधीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. 

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