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औरंगाबाद के इन 9 स्कूलों पर DM का बड़ा एक्शन, री-एडमिशन और किताबों में वसूली पर होगी कड़ी कार्रवाई; जांच शुरू

Bihar News: औरंगाबाद के प्राइवेट स्कूलों में री-एडमिशन फीस और महंगी किताबों के गलत इस्तेमाल के खिलाफ डीएम ने सख्त एक्शन लिया है. जिले के नौ बड़े स्कूलों की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है. पढ़िए आदित्य कुमार की ये रिपोर्ट.

औरंगाबाद के इन 9 स्कूलों पर DM का बड़ा एक्शन, री-एडमिशन और किताबों में वसूली पर होगी कड़ी कार्रवाई; जांच शुरू
स्कूलों पर कार्रवाई करता हुआ जांच दल
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DM Aurangabad Action on private School: औरंगाबाद जिले के निजी स्कूलों के जरिए अभिभावकों के आर्थिक शोषण की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नामांकन के दौरान री-एडमिशन फीस, सालाना शुल्क और महंगी किताबों के नाम पर मनमानी वसूली की खबरों को जिला पदाधिकारी (DM) ने गंभीरता से लिया है. जिसके चलते शुरूआत में इसकी जद में 9 स्कूल जांच के दायरे में आए है.

इन 9 दिग्गज स्कूलों की शुरू हुई जांच

जिला अधिकारी के निर्देश पर गठित जांच दल ने शिकायतों के आधार पर गुरुवार( 24 अप्रैल) जिले के 8 स्कूलों का  निरीक्षण किया. जिसमें जसोईया के लॉर्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल, कर्मा रोड के बी.एल. इंडो अम्बिका पब्लिक स्कूल और अम्बिका पब्लिक स्कूल, एम.जी. रोड पर स्थित महेश एकेडमी और सरस्वती शिशु मंदिर ,  दानी बिगहा एवं मुख्य शाखा की डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल , बराटपुर के बिरला ओपन माइंड स्कूल और नागा बिगहा स्थित नरायणा मिशन स्कूल शामिल है. इनकी जांच के दौरान ही प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है, आने वाले दिनों में जिले के अन्य निजी स्कूलों की भी इसी तरह सघन जांच की जाएगी.

किन मुद्दों पर कसा गया है शिकंजा?

बता दें कि प्रदेश में बढ़ रही फीस वसूली को लेकर निजी स्कूलों की मनमानी से अभिवावक बेहद परेशान थे, जिसे लेकर उन्होंने जिला मुख्यालय में शिकायत दी थी. स्कूल  नियम विरुद्ध री-एडमिशन फीस वसूल रहे हैं. साथ ही वार्षिक शुल्क व अन्य अनुचित शुल्क ले रहे हैं.इसके अलावा तय दुकानों से ही महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने को मजबूर कर रहे हैं. इन शिकायतों को ध्यान में रखने हुए  जिला प्रशासन ने इसे अभिभावकों का आर्थिक शोषण मानकर कार्रवाई की बात कही.

'शोषण बर्दाश्त नहीं'- डीएम

जिला पदाधिकारी ने जांच दल को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 24 अप्रैल को ही निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट सौंपें. प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी स्कूल में अनियमितता या अभिभावकों के आर्थिक शोषण की पुष्टि होती है, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अभिभावक यहां करें शिकायत

इसके अलावा प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस लूट के खिलाफ आवाज उठाएं. यदि कोई स्कूल मनमानी करता है, तो अभिभावक समाहरणालय स्थितजिला शिक्षा कार्यालय या जिला जनसंपर्क कार्यालय में अपनी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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