- विधायक अनंत सिंह की बढ़ी मुश्किलें
- यूएपीए के तहम एफआईआर हुई दर्ज
- अनंत सिंह के घर से मिला था एके-47
बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से 'बाहुबली' विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) के घर से एक एके-47 राइफल और ग्रेनेड की बरामदगी होने पर पुलिस ने उनके खिलाफ आतंकवाद निरोधी कानून 'गैरकानूनी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम' (UAPA) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पटना जिला के बाढ़ अनुमंडल के लदमा गांव स्थित सिंह के पैतृक आवास पर पुलिस ने छापेमारी कर एक एके-47 राइफल, एक मैगजीन, कुछ कारतूस और दो ग्रेनेड बरामद किए हैं. उन्होंने बताया कि आधुनिक हथियार और अग्नेयास्त्र बरामद होने के मद्देनजर सिंह के खिलाफ यूएपीए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह के घर से AK-47 बरामद, बम स्क्वॉड की टीम भी मौके पर पहुंची
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यह पूछे जाने पर कि क्या निर्दलीय विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार किया जाएगा, मिश्र ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्य के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. बाढ़ अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) लिपि सिंह ने बताया, 'हम कानून और वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं. हम प्राथमिकी और उनके (विधायक) खिलाफ वारंट जारी किए जाने की प्रार्थना के साथ सभी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे.'
अपने पैतृक घर पर पुलिस छापेमारी और हथियार एवं अन्य अग्नेयास्त्र की बरामदगी को मुंगेर से जेडीयू सांसद ललन सिंह की साजिश बताते हुए अनंत सिंह ने अपनी पुत्री लेसी सिंह पर भी दुर्भावना से ग्रसित होकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने और अपने घर पर उन्हें फंसाने के लिए हथियार एवं अन्य अग्नेयास्त्र रखे जाने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि वे पिछले 14 साल से उक्त मकान में नहीं रह रहे हैं. उन्होंने अपने घर पर छापेमारी के दौरान पुलिस द्वारा तोड़फोड़ किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि छापेमारी की उन्हें सूचना नहीं दी गई थी और इसके बारे में उन्हें गांव के अन्य लोगों से जानकारी मिली.
अनंत सिंह ने इसको लेकर अपनी फरियाद करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से समय दिए जाने का आग्रह करने की बात करते हुए कहा कि अगर वे समय नहीं देते हैं तो अदालत की शरण में जाएंगे. पुलिस ने अनंत सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके घर में छापेमारी दंडाधिकारी की उपस्थिति में कानून के अनुसार किए जाने के साथ पूरी कवायद की वीडियोग्राफी करवाई गई है. अनंत सिंह की पत्नी और कांग्रेस प्रत्याशी नीलम देवी ने ललन सिंह के खिलाफ मुंगेर लोकसभा सीट से हाल में लोकसभा चुनाव लडा़ था पर पराजित रहीं थीं. 'छोटे सरकार' उपनाम से जाने जाने वाले सिंह का एक लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है. एक ठेकेदार और उसके भाई की हत्या की साजिश रचने के सिलसिले में गिरफ्तार चार अपराधियों में से एक मोबाईल फोन से एक ऑडियो क्लीप में सिंह की आवाज का नमूना देने के लिए हाल ही में पटना स्थिति बिहार पुलिस मुख्यालय बुलाया गया था.
ठेकेदार की हत्या की साजिश का ऑडियो आया सामने, विधायक अनंत सिंह को नोटिस
अनंत ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 2005 में जेडीयू के उम्मीदवार के तौर पर बाहूबली नेता सूरजभान सिंह के खिलाफ की थी. इससे पहले अनंत के बड़े भाई दिलीप सिंह मोकामा विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया था. वह राबड़ी देवी सरकार में मंत्री थे. जेडीयू से निष्कासित कर दिए जाने पर अनंत ने 2015 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में
मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लडा़ था और विजयी रहे थे.
क्या है UAPA?
UAPA को वर्ष 1967 में 'भारत की अखंडता तथा संप्रभुता की रक्षा' के उद्देश्य से पेश किया गया था, और इसके तहत किसी शख्स पर 'आतंकवादी अथवा गैरकानूनी गतिविधियों' में लिप्तता का संदेह होने पर किसी वारंट के बिना भी तलाशी या गिरफ्तारी की जा सकती है. इन छापों के दौरान अधिकारी किसी भी सामग्री को ज़ब्त कर सकते हैं. आरोपी को ज़मानत की अर्ज़ी देने का अधिकार नहीं होता, और पुलिस को चार्जशीट दायर करने के लिए 90 के स्थान पर 180 दिन का समय दिया जाता है. इसी साल जून माह में भी पांच अन्य कार्यकर्ताओं को इसी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था.
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