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This Article is From Jul 06, 2020

बेंगलुरु: घर के बाहर इंतजार करती रही कोरोना संक्रमित महिला, आठ घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस

50 साल से ज्यादा उम्र की एक कोरोना संक्रमित महिला को एंबुलेंस के लिए आठ घंटों तक इंतजार करना पड़ा. महिला को अथॉरिटी की ओर से कॉल करके उनके संक्रमित होने की जानकारी देते हुए अस्पताल बुलाया गया था.

बेंगलुरु: घर के बाहर इंतजार करती रही कोरोना संक्रमित महिला, आठ घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस
बेंगलुरु में कोरोना के केस बढ़ने पर आ रही एंबुलेंस मिलने में दिक्कत. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
  • 50 से ज्यादा की उम्र की महिला कोरोना से हैं संक्रमित
  • आठ घंटे बाद लेने पहुंची एंबुलेंस
  • बेंगलुरु में केस बढ़ने के बाद आ रही हैं मुश्किलें
बेंगलुरु:

बेंगलुरु में कोरोनावायरस के केस लगातार तेजी से बढ़े हैं, जिसके चलते यहां अब लोगों को मेडिकल सुविधाएं मिलने में बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर एंबुलेंस मिलने में. ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें 50 साल से ज्यादा उम्र की एक कोरोना संक्रमित महिला को एंबुलेंस के लिए आठ घंटों तक इंतजार करना पड़ा. महिला को अथॉरिटी की ओर से कॉल करके उनके संक्रमित होने की जानकारी देते हुए अस्पताल बुलाया गया था. महिला का एक प्राइवेट अस्पताल में टेस्ट हुआ था, जहां वो अस्वस्थ महसूस होने के बाद इलाज के लिए गई थीं.

अथॉरिटी की तरफ से उन्हें जिस शख्स ने कॉल किया था, उसने उन्हें बताया कि एक एंबुलेंस आएगी और उन्हें एक सरकारी अस्पताल ले जाएगी. उन्हें कॉल आई थी एक बजे दिन में, लेकिन एंबुलेंस उनके घर पहुंची रात के नौ बजे. आठ घंटों तक उन्हें अपने घर के बाहर बैठना पड़ा क्योंकि घर के अंदर उनके पति और बेटे को क्वारंटीन किया गया था. 

उनके आठ घंटों के इंतजार के दौरान NDTV ने उनसे बात की. उन्होंने बताया, 'मैं कल एक अस्पताल गई थी और शाम तक घर आ गई. मैं घर पर आराम कर रही थी. मुझे कोई खांसी, जुकाम, बुखार या फिर सिरदर्द नहीं था. मैंने कपड़े धुले, खाना बनाया. लेकिन आज 1 बजे मेरे पास कगलिपुरा हॉस्पिटल से कॉल आई और बताया गया कि मुझे कोविड-19 है. उन्होंने मुझे अपने कपड़े पैक करते एंबुलेंस के लिए तैयार रहने को कहा. तबसे मैं बाहर बैठकर इंतजार कर रही हूं.'

इसके बाद उनके पास एक और कॉल आई, जिसमें उनसे कहा गया कि वो दिन का खाना खा लें लेकिन एंबुलेंस आने में रात हो गई. हमसे बातचीत के दौरान वो इतनी टेंशन में थीं कि रो पड़ीं. उन्होंने कहा कि वो बहुत डरी हुई हैं. फिलहाल वो बेंगलुरु के एक सरकारी अस्पताल में हैं. उन्होंने कहा कि यहां उनका अच्छा खयाल रखा जा रहा है. 

बेंगलुरु में लोगों को एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर कॉल करने के लिए कहा गया है. अब एंबुलेंस भेजने और हॉस्पिटल में बेड अलॉट करने की पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के तहत है. यह पूरी प्रक्रिया बहुत जटिल है क्योंकि बेंगलुरु एक बड़ा शहर है और यहां एंबुलेंस को हर ट्रिप के बीच में अच्छी तरीके से सैनिटाइज करना होता है. मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने लोगों से घबराने को नहीं कहा है. उन्होंने कहा कि फ्लीट में अतिरिक्त 450 बसें जोड़ी गई हैं.

बता दें कि कर्नाटक, खासकर बेंगलुरु में पिछले कुछ दिनों में बहुत तेजी से कोरोनावायरस के मामले बढ़े हैं. यहां बेंगलुरु और दूसरे कुछ शहरों में रविवार को पूर्णत: लॉकडाउन था. राज्य में अबतक कोरोना संक्रमण के कुल 23,474 मामले हो चुके हैं, वहीं 372 मौतें हुई हैं. 

Video: क्या हवा से भी फैलता है कोरोनावायरस?

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