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लद्दाख में हुड़दंग मचाने वालों की आएगी शामत! ट्रिप प्लान करने से पहले पढ़ लें यह खबर

लद्दाख के पैंगोंग झील और वाइल्डलाइफ एरिया में अवैध ऑफ-रोडिंग और स्टंट करने वाले पर्यटकों पर प्रशासन ने पहली बार 2 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. पूरी रिपोर्ट देखें.

लद्दाख में हुड़दंग मचाने वालों की आएगी शामत! ट्रिप प्लान करने से पहले पढ़ लें यह खबर
लद्दाख की पैंगोंग झील में गाड़ी डाली तो सीधे जेब से ढीले होंगे 50,000 रुपये

लद्दाख की खूबसूरत वादियां और नीली पैंगोंग झील हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं. लेकिन कुछ पर्यटक यहां आकर ऐसी हरकतें करते हैं जिससे यहां का पर्यावरण खतरे में पड़ जाता है. ऐसे ही हुड़दंगी और गैर-जिम्मेदार पर्यटकों के खिलाफ लद्दाख प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और स्टंट करने के लिए प्रकृति को नुकसान पहुंचाते हैं.

दरअसल, 23 जून 2026 को एक Mahindra Thar को पैंगोंग झील के पवित्र पानी के अंदर जानबूझकर स्टंट के लिए दौड़ाया गया, जिससे झील में प्रदूषण फैला. इसी तरह 17 जून को एक वीडियो सामने आया जिसमें एक Toyota Fortuner चांगथांग कोल्ड डेजर्ट सेंचुरी में एक लुप्तप्राय तिब्बती गजेल (जंगली हिरण) का पीछा करती हुई दिखी.

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इसके अलावा एक Hyundai Creta को पैंगोंग के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में ऑफ-रोडिंग करते और एक अन्य थार को कराकोरम सेंचुरी के नदी-नालों के बीच स्टंट करते हुए पकड़ा गया. विभाग ने इन सभी चारों गाड़ियों को तुरंत जब्त कर लिया और प्रति गाड़ी 50,000 रुपये का जुर्माना वसूलने के बाद ही इन्हें छोड़ा गया. यानी चारों गाड़ियों पर कुल 2 लाख का जुर्माना लगाया गया. 

इस मामले पर गंभीरता जताते हुए उपराज्यपाल श्री वीके सक्सेना ने साफ कहा है कि लद्दाख देश और दुनिया के सभी पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यहां के पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जाए. उन्होंने पर्यटकों और एडवेंचर के शौकीनों से अपील की है कि वे संरक्षित वन्यजीव आवासों में गाड़ियां न ले जाएं. ऐसी हरकतों से दुर्लभ और लुप्तप्राय जानवरों को परेशानी होती है और इस नाजुक इकोसिस्टम को भारी नुकसान पहुंचता है.

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प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वाइल्डलाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 के तहत संरक्षित क्षेत्रों या उसके आस-पास ऑफ-रोड ड्राइविंग करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है. अगर भविष्य में भी कोई पर्यटक पैंगोंग झील या लद्दाख के किसी भी नदी-नाले या पहाड़ों पर बिना अनुमति गाड़ी दौड़ाता हुआ पाया गया, तो उस पर इससे भी ज्यादा सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जेल भी भेजा जा सकता है. 

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