नोएडा में एक नाबालिग लड़के का कार चलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि 15 साल का लड़का कार चला रहा था और इसी दौरान उसकी दूसरी गाड़ी से टक्कर हो गई. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कार को रोक लिया. मौके पर पहुंची लड़के की मां ने अपने बेटे का बचाव किया, जिसके बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया.
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में एक नाबालिग लड़का क्षतिग्रस्त कार के पास खड़ा दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों का दावा है कि लड़का कार चला रहा था और दूसरी गाड़ी से टक्कर के बाद मौके से निकलने की कोशिश कर रहा था. बताया गया कि वहां मौजूद लोगों ने कार को रोक लिया. कुछ दावों में ये भी कहा गया है कि हादसे के समय कार की आगे वाली सीट पर एक बच्चा मौजूद था. हालांकि, वीडियो से इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. ये घटना नोएडा के किस इलाके में हुई, इसकी भी जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है.
A 15 year old was driving a car upon the instructions of his mother because the driver hadn't yet turned up. He rammed into another car badly damaging it. Thankfully nobody was hurt.
— Sameer (@BesuraTaansane) August 21, 2026
But shameless mother kept defending her decision.
This is precisely the chalta hai attitude…
मां ने माना, बेटे के पास लाइसेंस नहीं था
हादसे के बाद लड़के की मां मौके पर पहुंचीं. वीडियो में वह अपने बेटे का बचाव करती दिखाई दे रही हैं. महिला ने कहा कि उनका नियमित ड्राइवर छुट्टी पर था, इसलिए उन्होंने अपने बेटे को कुछ काम से कार ले जाने के लिए कहा था. जब लोगों ने लड़के की उम्र और ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूछा तो मां और बेटे ने पर माना कि उसके पास लाइसेंस नहीं था. वीडियो के आखिर में कुछ लोग मामले की जानकारी पुलिस को देने की बात कहते दिखाई देते हैं. हालांकि, ये साफ नहीं है कि इस मामले में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज हुई या नहीं.
'चलता है' वाले रवैये पर भड़के लोग
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाबालिग को कार देने के लिए मां की आलोचना की है. कई लोगों ने महिला के 'चलता है' वाले रवैये पर सवाल उठाया. लोगों का कहना है कि नाबालिग के कार चलाने से सिर्फ उसकी ही नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है. मामूली हादसा अगर गंभीर दुर्घटना में बदल जाता तो इसके परिणाम काफी खतरनाक हो सकते थे.
नाबालिग के कार चलाने को लेकर कानून
भारत में सामान्य मोटर वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की न्यूनतम उम्र 18 साल है. मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 199A नाबालिगों से जुड़े वाहन अपराधों पर लागू होती है. इसके तहत अगर कोई नाबालिग बिना वैलिड लाइसेंस के गाड़ी चलाता है तो उसके अभिभावक या गाड़ी के रजिस्टर्ड मालिक को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. दोष साबित होने पर अभिभावक या गाड़ी ऑनर को 3 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा गाड़ी का रजिस्ट्रेशन 12 महीने के लिए रद्द किया जा सकता है. नाबालिग को भी 25 साल की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने से रोका जा सकता है.
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