सड़क पर आपकी गाड़ी की सुरक्षा सबसे ज्यादा टायरों पर निर्भर करती है. लेकिन आजकल मार्केट में नकली टायरों की काला कारोबार तेजी से बढ़ रही है. नकली टायर न सिर्फ आपकी जेब पर भारी पड़ते हैं, बल्कि किसी बड़े हादसे की वजह भी बन सकते हैं. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि जो टायर आप खरीद रहे हैं, वह असली है या नकली. CEAT लिमिटेड के सीनियर VP और R&D हेड रेंजी आइजैक (Renji Issac) के अनुसार कुछ खास बातों का ध्यान रखकर आप आसानी से असली टायर की पहचान कर सकते हैं.
1. ब्रांड और पैटर्न नेम ध्यान से जांचें
नकली टायर बनाने वाली कंपनियां अक्सर असली ब्रांड के नाम या स्पेलिंग में थोड़ा-सा बदलाव कर देती हैं. टायर खरीदते समय ब्रांड का नाम, लोगो और पैटर्न का नाम सही से चेक करें.
2. मैन्युफैक्चरिंग डेट और DOT कोड देखें
हर असली टायर की साइडवॉल पर एक DOT कोड और मैन्युफैक्चरिंग डेट लिखी होती है. इसमें हफ्ते और साल का नंबर दर्ज होता है. जैसे '2224' का मतलब है कि टायर 2024 के 22वें हफ्ते में बना है. अगर टायर पर यह नंबर मिटा हुआ है या लिखा ही नहीं है, तो वह टायर फर्जी या पुराना हो सकता है.
3. क्यूआर कोड और बारकोड स्कैन करें
आजकल ब्रांडेड टायर कंपनियां पहचान के लिए यूनिक QR कोड या बारकोड देती हैं. इसे अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके आप सीधे कंपनी के डेटाबेस से टायर की प्रामाणिकता जांच सकते हैं.
4. ऑफिशियल वेबसाइट से स्पेसिफिकेशन मिलाएं
टायर का साइज, थ्रेड पैटर्न और उसकी क्षमता कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद जानकारी से मेल खानी चाहिए. अगर आपको टायर के डिजाइन में थोड़ा भी फर्क महसूस हो, तो ये नकली हो सकता है.
5. सिर्फ ऑथराइज्ड डीलर से ही खरीदें
नकली टायरों से बचने का सबसे बेहतरीन तरीका यह है कि आप हमेशा कंपनी के ऑथराइज्ड डीलर या भरोसेमंद रिटेल स्टोर से ही टायर खरीदें. पक्का बिल जरूर लें, जिससे आपको वारंटी और क्वालिटी सपोर्ट आसानी से मिल सके.
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