भारत में माल ढुलाई को ज्यादा साफ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है. Adani Logistics Limited (ALL) ने गुजरात के वापी के पास तुम्ब में अपने इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) से कंटेनरों की डिलीवरी के लिए ग्लोबल शिपिंग और लॉजिस्टिक्स ग्रुप CMA CGM के साथ हाथ मिलाया है. आपको बता दें कि Adani Logistics Limited (ALL) Adani पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) का हिस्सा है. इस पार्टनरशिप के तहत कंटेनर डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक ट्रकों को तैनात किया गया है. कंपनी के अनुसार, ये कंटेनर मूवमेंट के लिए डेडिकेटेड देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक ट्रक फ्लीट है.
गुजरात के तुम्ब डिपो से शुरू हुई इलेक्ट्रिक कंटेनर डिलीवरी
इस पहल का मकसद कंटेनर परिवहन के उस हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाना है, जिसमें माल को बंदरगाह या कंटेनर डिपो से ग्राहकों की फैक्ट्रियों और वेयरहाउस तक सड़क के रास्ते पहुंचाया जाता है. इस मॉडल को स्टोर-डोर डिलीवरी कहा जाता है. इसमें कंटेनर को डिपो से सीधे ग्राहक के परिसर तक पहुंचाया जाता है. इससे कंटेनर हैंडलिंग सेंटर और सप्लाई चेन में शामिल डिलीवरी पॉइंट्स के बीच सीधा कॉन्टैक्ट बनता है.
हजीरा पोर्ट से 160 किलोमीटर दूर है ICD तुम्ब
गुजरात के तुम्ब में स्थित यह डिपो हजीरा पोर्ट से करीब 160 किलोमीटर और न्हावा शेवा से लगभग 230 किलोमीटर दूर है. यह डिपो गुजरात और महाराष्ट्र के औद्योगिक क्षेत्रों को माल ढुलाई की सुविधा देता है. यहां से गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GIDC) और महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) के तहत आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों को सेवा दी जाती है. डिपो की लोकेशन इसे आसपास के औद्योगिक केंद्रों तक कंटेनर पहुंचाने के लिए जरूरी बनाती है.
CMA CGM के कंटेनर से शुरू हुआ परिचालन
इस इलेक्ट्रिक ट्रक बेड़े का इस्तेमाल करने वाली पहली शिपिंग लाइन CMA CGM बनी है. कंपनी के कंटेनरों को फ्लैग-ऑफ समारोह के दौरान पहली खेप के रूप में भेजा गया. इसके साथ ही ICD तुम्ब से इलेक्ट्रिक ट्रकों का नियमित परिचालन शुरू हो गया. इस पार्टनरशिप में Adani Logistics अपने इनलैंड ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क और संचालन का इस्तेमाल करेगी. जबकि CMA CGM का शिपिंग नेटवर्क कंटेनर परिवहन को जोड़ने में मदद करेगा. इस तरह इलेक्ट्रिक वाहनों को कंटेनर डिलीवरी की मौजूदा व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है.
सड़क से माल ढुलाई में घट सकता है प्रदूषण
इलेक्ट्रिक ट्रकों का इस्तेमाल सड़क से होने वाली माल ढुलाई के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. इलेक्ट्रिक ट्रक चलते समय अपने एग्जॉस्ट से सीधे प्रदूषक उत्सर्जित नहीं करते, क्योंकि इनमें पारंपरिक पेट्रोल या डीजल इंजन की तरह टेलपाइप नहीं होता है. हालांकि, इस पहल से कुल कार्बन उत्सर्जन में कितनी कमी आएगी, यह चार्जिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली के सोर्स पर भी निर्भर करेगा.
PM E-DRIVE योजना से भी मिल रहा इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा
भारत सरकार भी माल ढुलाई में स्वच्छ तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है. जुलाई 2025 में भारी उद्योग मंत्रालय ने PM E-DRIVE योजना के तहत इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था शुरू की थी. इस योजना में एलिजिबल मीडियम और हेवी इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल हैं. ट्रैक्टरों को भी इसके दायरे में रखा गया है. हालांकि, प्रोत्साहन की राशि और एलिजिबल व्हीकल्स के ग्रॉस व्हीकल वेट (GVW) तथा योजना की निर्धारित शर्तों पर निर्भर करती है. ऐसी योजनाओं से इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को अपनाने में मदद मिल सकती है. खासकर उन क्षेत्रों में, जहां बड़ी मात्रा में माल को नियमित रूप से सड़क के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है.
Adani Logistics के बड़े नेटवर्क का हिस्सा है ICD तुम्ब
ICD तुम्ब, Adani Logistics के देशभर में फैले मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और इनलैंड कंटेनर डिपो नेटवर्क का हिस्सा है. यह सुविधा कंटेनर में रखे जाने वाले माल की हैंडलिंग करती है और आसपास के प्रमुख औद्योगिक व व्यावसायिक केंद्रों से जुड़ी है. इस डिपो के प्रमुख मांग केंद्रों में वापी, सिलवासा, दमन, उमरगाम और सरीगाम शामिल हैं. इन क्षेत्रों में उद्योगों और कारोबार की मौजूदगी के कारण कंटेनर परिवहन की मांग बनी रहती है.
Adani Logistics और CMA CGM की यह साझेदारी माल ढुलाई में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल है. आने वाले समय में इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि इलेक्ट्रिक ट्रकों का नियमित संचालन कितना बढ़ता है और इससे परिवहन की लागत व कुल कार्बन उत्सर्जन में कितनी कमी आती है.
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