- BAPS स्वामी नारायण संप्रदाय के प्रमुख स्वामी का 94 साल की उम्र में निधन
- अहमदाबाद से 100 किमी दूर सालंगपुर में कई महीनों से चल रहा था इलाज
- प्रमुख स्वामी 1971 से ही बीएपीएस के आध्यात्मिक गुरु रहे
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
अहमदाबाद:
बीएपीएस स्वामी नारायण संप्रदाय के प्रमुख स्वामी का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को निधन हो गया. 7 दिसंबर 1921 को जन्मे बीएपीएस (बोचासण वासी अक्षर पुरुषोत्तम संप्रदाय) के प्रमुख स्वामी की उम्र 94 साल थी.
प्रमुख स्वामी का अहमदाबाद से करीब 100 किमी दूर सालंगपुर नामक स्थान पर कई महीनों से इलाज चल रहा था और वे वेंटिलेटर पर थे. बता दें कि दुनियाभर में जितने भी अक्षरधाम मंदिर हैं, वे सभी बीएपीएस समुदाय के ही हैं.
बीएपीएस प्रमुख स्वामी को गुणातीतानंद स्वामी, भगतजी महाराज, शास्त्री जी महाराज और योगीजी महाराज के बाद स्वामी नारायण संस्था का पांचवां उत्तराधिकारी मानते हैं.
प्रमुख स्वामी को हिन्दू स्वामी के रूप में बीएपीएस के संस्थापक शास्त्री जी महाराज ने 1940 में दीक्षा दी थी. बाद में साल 1950 में उन्होंने प्रमुख स्वामी को बीएपीएस का अध्यक्ष घोषित किया. योगी जी महाराज ने प्रमुख स्वामी को अपना आध्यात्मिक उत्तराधिकारी और बीएपीएस का गुरु घोषित किया. प्रमुख स्वामी 1971 से ही बीएपीएस के आध्यात्मिक गुरु रहे.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 94 वर्षीय धार्मिक गुरू को यह कहते हुए श्रद्धांजलि दी कि 'वह मेरे मार्गदर्शक थे.' कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
सोनिया ने कहा कि वह अपने पीछे एक समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं. देश और मानवता ने एक संत खो दिया.
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी स्वामी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि करुणा और सेवा का उनका संदेश एक प्रेरणा बना रहेगा.
- साथ में एजेंसी इनपुट
प्रमुख स्वामी का अहमदाबाद से करीब 100 किमी दूर सालंगपुर नामक स्थान पर कई महीनों से इलाज चल रहा था और वे वेंटिलेटर पर थे. बता दें कि दुनियाभर में जितने भी अक्षरधाम मंदिर हैं, वे सभी बीएपीएस समुदाय के ही हैं.
बीएपीएस प्रमुख स्वामी को गुणातीतानंद स्वामी, भगतजी महाराज, शास्त्री जी महाराज और योगीजी महाराज के बाद स्वामी नारायण संस्था का पांचवां उत्तराधिकारी मानते हैं.
प्रमुख स्वामी को हिन्दू स्वामी के रूप में बीएपीएस के संस्थापक शास्त्री जी महाराज ने 1940 में दीक्षा दी थी. बाद में साल 1950 में उन्होंने प्रमुख स्वामी को बीएपीएस का अध्यक्ष घोषित किया. योगी जी महाराज ने प्रमुख स्वामी को अपना आध्यात्मिक उत्तराधिकारी और बीएपीएस का गुरु घोषित किया. प्रमुख स्वामी 1971 से ही बीएपीएस के आध्यात्मिक गुरु रहे.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 94 वर्षीय धार्मिक गुरू को यह कहते हुए श्रद्धांजलि दी कि 'वह मेरे मार्गदर्शक थे.' कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
सोनिया ने कहा कि वह अपने पीछे एक समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं. देश और मानवता ने एक संत खो दिया.
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी स्वामी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि करुणा और सेवा का उनका संदेश एक प्रेरणा बना रहेगा.
- साथ में एजेंसी इनपुट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
बीएपीएस, स्वामी नारायण संप्रदाय, प्रमुख स्वामी, बोचासण वासी अक्षर पुरुषोत्तम संप्रदाय, अक्षरधाम मंदिर, Pramukh Swami Maharaj, BAPS, Gujarat, Gujarat News, गुजरात, गुजरात न्यूज