यहां की बनास डेयरी रोज करीब 50 लाख लीटर दूध इकट्ठा करती है, और उसमें से रोजमर्रा के दूध के अलावा इस तरह बटर, आइसक्रीम और अन्य उत्पाद बनाकर वैल्यू एडिशन करके किसानों के लिए मुनाफा जमा करती है. वजह पशुपालन से जुड़ी हर सुविधा पशुपालकों को मुफ्त मुहैया करवाना है.