धान की खेती में अच्छी पैदावार के लिए मजबूत नर्सरी तैयार करना बेहद जरूरी माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसान नर्सरी डालने से पहले कुछ अहम बातों का ध्यान रख लें, तो पौध मजबूत, हरी-भरी और रोगमुक्त तैयार होती है, जिससे आगे फसल का उत्पादन भी बेहतर मिलता है. इसके लिए सबसे पहले खेत की सही तैयारी जरूरी है. जिस खेत में नर्सरी लगानी है, उसे 20-25 दिन पहले अच्छी तरह जोतकर खुला छोड़ देना चाहिए, ताकि तेज धूप से मिट्टी में छिपे कीट और रोग नष्ट हो सकें और मिट्टी नरम व उपजाऊ बन सके.
Paddy Nursery : गोबर की खाद सबसे बेहतर
खाद के रूप में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद सबसे बेहतर मानी जाती है, जो पौध की जड़ों के विकास में मदद करती है. एक एकड़ धान के लिए नर्सरी तैयार करने के लिए बहुत अधिक जगह की जरूरत नहीं होती. सामान्य विधि में एक बिस्वा और सघन विधि में आधा बिस्वा जमीन भी पर्याप्त होती है.
Paddy Nursery : सही वैरायटी का चुनाव भी जरूरी
बेहतर उत्पादन के लिए सही वैरायटी का चुनाव भी जरूरी है. हाइब्रिड वैरायटी अच्छी देखभाल में 30-40 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन दे सकती है और यह जल्दी पकने वाली किस्म है, जिससे समय की बचत भी होती है. बीज की तैयारी भी नर्सरी की सफलता में अहम भूमिका निभाती है. बीज को पहले 12 घंटे पानी में भिगोकर फिर गीले बोरे में रखने से यह अंकुरित हो जाता है और जल्दी जमाव सुनिश्चित करता है. इसके साथ ही बीज उपचार करना भी बेहद जरूरी है. कॉपर ऑक्सीक्लोराइड जैसी दवा से बीज का उपचार करने से बीजजनित रोगों का खतरा काफी कम हो जाता है.
अंत में खेत को समतल कर हल्की नमी के साथ संतुलित मात्रा में बीज का छिड़काव करना चाहिए. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शुरुआत सही की जाए, तो धान की फसल आधी वहीं सफल हो जाती है और किसान को बेहतर उत्पादन मिलता है.
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