
लंदन:
एक नई प्रौद्योगिकी के जरिए हाथ के विभिन्न हिस्सों से आप में खुशी, दुख, रोमांच या डर के एहसास का संचार किया जा सकता है, वह भी बिना आपको छूए।
ससेक्स विश्वविद्यालय के सूचना विज्ञान विभाग की मारियाना ओब्रिस्ट के अनुसार, अंगूठे, तर्जनी और हथेली के मध्य में बेहद थोड़े समय के लिए हवा के तेज धक्कों की मदद से किसी व्यक्ति में रोमांच का एहसास पैदा किया जा सकता है, जबकि धीमे एवं मध्यम दबाव वाले वायु के झोकों की मदद से किसी में दुख के भाव जगाए जा सकते हैं।
मारियाना एक ऐसे दंपति का उदाहरण देती हैं जिनके बीच दफ्तर जाने से ठीक पहले लड़ाई हुई हो। मारियाना कहती हैं, "पत्नी अपने ऑफिस पहुंचकर बैठक में जाती हैं और इसी दौरान उसकी कलाई पर लगी ब्रेसलेट के जरिए उसकी हथेली के मध्य हिस्से में रोमांचकारी एहसास पैदा किया जा सकता है। इस एहसास से न सिर्फ उसे आराम मिलेगा, बल्कि उसे यह भी एहसास होगा कि उसका पति उससे नाराज नहीं है।"
टेस्ट के दौरान अल्ट्राहैप्टिक्स प्रणाली के जरिए यह एहसास पैदा किया गया। यह प्रणाली हवा के जरिए हथेली के विभिन्न हिस्सों में छूने से होने वाले एहसास पैदा करती है। विभिन्न एहसासों के लिए स्टिमुलेशन पैटर्न का प्रतिभागियों के तीन विभिन्न समूहों पर टेस्ट किया गया।
शोधकर्ता के अनुसार, "इस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल एक-दूसरे से दूर रहने वालों के बीच संचार को और जीवंत बनाने के लिए किया जा सकता है।" इस अध्ययन को दक्षिण कोरिया में 21 अप्रैल को हुए सीएचआई-2015 सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया।
ससेक्स विश्वविद्यालय के सूचना विज्ञान विभाग की मारियाना ओब्रिस्ट के अनुसार, अंगूठे, तर्जनी और हथेली के मध्य में बेहद थोड़े समय के लिए हवा के तेज धक्कों की मदद से किसी व्यक्ति में रोमांच का एहसास पैदा किया जा सकता है, जबकि धीमे एवं मध्यम दबाव वाले वायु के झोकों की मदद से किसी में दुख के भाव जगाए जा सकते हैं।
मारियाना एक ऐसे दंपति का उदाहरण देती हैं जिनके बीच दफ्तर जाने से ठीक पहले लड़ाई हुई हो। मारियाना कहती हैं, "पत्नी अपने ऑफिस पहुंचकर बैठक में जाती हैं और इसी दौरान उसकी कलाई पर लगी ब्रेसलेट के जरिए उसकी हथेली के मध्य हिस्से में रोमांचकारी एहसास पैदा किया जा सकता है। इस एहसास से न सिर्फ उसे आराम मिलेगा, बल्कि उसे यह भी एहसास होगा कि उसका पति उससे नाराज नहीं है।"
टेस्ट के दौरान अल्ट्राहैप्टिक्स प्रणाली के जरिए यह एहसास पैदा किया गया। यह प्रणाली हवा के जरिए हथेली के विभिन्न हिस्सों में छूने से होने वाले एहसास पैदा करती है। विभिन्न एहसासों के लिए स्टिमुलेशन पैटर्न का प्रतिभागियों के तीन विभिन्न समूहों पर टेस्ट किया गया।
शोधकर्ता के अनुसार, "इस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल एक-दूसरे से दूर रहने वालों के बीच संचार को और जीवंत बनाने के लिए किया जा सकता है।" इस अध्ययन को दक्षिण कोरिया में 21 अप्रैल को हुए सीएचआई-2015 सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया।
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