पहाड़ों की वादियों में अपना एक छोटा सा होमस्टे खोलना और सुकून भरी जिंदगी जीना आज के दौर में बहुत से लोगों का सपना बन चुका है, लेकिन क्या इस खूबसूरत जिंदगी के पीछे का संघर्ष सच में उतना ही हसीन होता है जितना इंटरनेट पर दिखता है? हाल ही में एक महिला ने अपने वायरल वीडियो से इस सपने का असली और कड़वा सच दुनिया के सामने रख दिया है. यूं तो कॉरपोरेट की भागदौड़ से तंग आकर हर कोई पहाड़ों की शांत जिंदगी तलाशता है. लोग सोचते हैं कि पहाड़ों में होमस्टे खोलना बेहद मजेदार और आसान काम है, लेकिन हकीकत ये है कि खूबसूबत नजारों के पीछे एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी और कड़ी मेहनत छिपी होती है, जिसके बारे में लोग कम बात करते हैं.
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एक अकेली महिला और ढेरों जिम्मेदारियां
हिमाचल प्रदेश के रारटा में निर्वाण होम्स (Nirvana Homes Rarta) चलाने वाली तराना चौहान (Tarana Chauhan) ने सोशल मीडिया पर अपने दिन भर के काम की एक झलक शेयर की है. उन्होंने दिखाया कि, कैसे मेहमानों के चेक-आउट करने के बाद वे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अकेले ही पूरे होमस्टे और किचन की सफाई में जुटी रहीं. प्लंबर, हाउसकीपर, रिसेप्शनिस्ट से लेकर देर रात लाइट जाने पर मेंटेनेंस डिपार्टमेंट तक का सारा काम उन्हें खुद ही संभालना पड़ता है.
पहाड़ों के खूबसूरत सपने के पीछे छिपी असली मेहनत
वीडियो में तराना बता रही हैं कि, 'भले ही वो दिन भर की कड़ी मेहनत से पूरी तरह थक जाती हैं, पर ये थकान किसी दूसरे के टारगेट पूरे करने से कहीं बेहतर है. उन्होंने आराम की तलाश में नहीं, बल्कि अपनी खुद की पहचान बनाने के लिए कॉरपोरेट जॉब छोड़ी थी. उन्हें अपने इस फैसले पर गर्व है, क्योंकि वो खुद का एक सपना पूरा करने की कोशिश कर रही हैं'
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