Japan marriage traditions: क्या आपने कभी सुना है कि छोटा भाई जिस लड़की से प्यार करे या शादी करे, उसी से बड़े भाई का निकाह करा दिया जाए? सुनने में यह किसी मसालेदार फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन जापान की तारीख के पन्नों में यह एक हकीकत थी. आखिर क्यों इस विकसित देश में 'जेठ' और 'बहू' का रिश्ता बदल जाता था? आइए जानते हैं इस अनोखे रिवाज का असली फलसफा.
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जापान अपनी हाई-टेक लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता है, लेकिन वहां के समाज की जड़ें कुछ ऐसी अजीबोगरीब रस्मों से जुड़ी हैं, जिन्हें सुनकर आज की पीढ़ी के होश उड़ सकते हैं. पुराने दौर में, खासकर जापानी समाज के 'एदो पीरियड' (Edo Period) के दौरान, एक ऐसी प्रथा का चलन था, जिसमें कुछ खास हालातों में बड़ा भाई अपने छोटे भाई की पत्नी या उसकी पार्टनर से शादी कर सकता था. इसे महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि खानदान की इज्जत और जायदाद बचाने का एक जरिया माना जाता था.
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खानदान की साख और 'इए' सिस्टम का खेल (Japan Ie system)
जापान की इस पारंपरिक व्यवस्था को 'इए' (Ie) सिस्टम कहा जाता था. इस सिस्टम का सीधा सा मकसद था...परिवार के नाम और विरासत को किसी भी कीमत पर जिंदा रखना. अगर छोटा भाई किसी वजह से घर की जिम्मेदारी निभाने के काबिल नहीं रहता था या उसकी असामयिक मौत हो जाती थी, तो बड़े भाई को उसकी पत्नी या साथी से निकाह करने की इजाजत दी जाती थी. इस रिवाज के पीछे की सोच यह थी कि परिवार का पैसा और बच्चे किसी बाहरी शख्स के पास न जाएं और घर की बात घर में ही रहे.
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लेविराट विवाह: जब देवर-जेठ बनते थे रक्षक (traditional Japanese marriage)
इतिहासकारों की मानें तो इसे 'लेविराट मैरिज' (Levirate Marriage) के रूप में देखा जाता है. उस दौर में औरतों को परिवार की मिल्कियत का हिस्सा समझा जाता था. ऐसे में अगर पति का साया सिर से उठ जाए, तो उसका जेठ या देवर उसका हमसफर बनकर उसे और उसके बच्चों को सामाजिक सुरक्षा देता था. हालांकि, आज के आधुनिक जापान में ये बातें सिर्फ किताबों तक सिमट कर रह गई हैं, लेकिन आज भी दुनिया इन रिवाजों को बड़े हैरत के साथ देखती है.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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