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This Article is From Mar 16, 2015

जिंदगी का असली मजा कम कर रही हैं सोशल साइटें

जिंदगी का असली मजा कम कर रही हैं सोशल साइटें
न्यूयॉर्क:

एक नए अध्ययन से पता चला है कि सोशल नेटवर्किंग साइटों पर तस्वीरें साझा करने से आप वास्तिवक जीवन के आनंद का अनुभव करने से वंचित रह जाते हैं। इस अध्ययन से पता चला है कि 58 प्रतिशत लोग मानते हैं कि सोशल साइटों पर तस्वीरें साझा करने से वे जीवन की सामान्य गतिविधियों का लुत्फ नहीं उठा पाते।

'माशाबल' की रिर्पोट के मुताबिक, 'न्यूयॉर्क टाइम्स' द्वारा किए गए इस अध्ययन में जोसेफ ग्रेनी और डेविड मैक्सफील्ड जैसे बेस्ट सेलिंग लेखकों ने 1,623 लोगों पर यह सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य यह पता लगाना था कि किस तरह से सोशल मीडिया उनके जीवन को प्रभावित कर रहा है।

मैक्सफील्ड ने अपने 60वें जन्मदिन पर अपने परिवार के साथ छुट्टियों पर जाने के बाद इस विषय की अधिक छानबीन की और पता लगाया कि उनका ध्यान छुट्टी के आनंद का अनुभव करने के बजाए उन पलों को सोशल मीडिया पर साझा करने पर ज्यादा केंद्रित था। इस प्रक्रिया को उन्होंने 'ट्रॉफी हंटिंग' का नाम दिया, जिसमें 'ट्रॉफी हंटर्स' का ध्यान जीवन के पलों का आनंद लेने के बजाए यादगार पलों की तस्वीरें खींच कर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने पर अधिक रहता है।  

अध्ययन में शामिल 91 प्रतिशत प्रतिभागियों ने पर्यटकों के यादगार पलों के बारे में बताया कि वे यात्रा के दौरान अपने यादगार पलों का अनुभव करने के बजाए तस्वीरें खींच कर उन्हें सोशल साइटों पर साझा करने में ज्यादा व्यस्त थे। मैक्सफील्ड ने सुझाया कि लोगों को अधिक जागरूक बनने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को सीमित करने की जरूरत है। उन्हें जीवन के प्रत्येक पल की तस्वीर खींच कर उसे एक ट्रॉफी की तरफ सजा कर रखने के बजाए खुशी से उसका अनुभव करना चाहिए।

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